मारूति और टाटा की इन कारों समेत 2019 में बंद हो सकती हैं ये कारें

Written by Newsroom Staff January 5, 2019 3:28 pm

नई दिल्ली। नए साल की शुरूआत में ऑटोमोबाइल बाजार में कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इनमें भारत स्टेज-6 (BSVI) उत्सर्जन मानदंडों से लेकर भारत की अपनी क्रैश टेस्ट रेटिंग लागू होना तक शामिल हैं। जिसकी वजह से अब भारत में बेची जाने वाली सभी कारों मेंं जल्द ही वैश्विक मानकों के अनुरूप बदलाव देखने को मिलेंगे।

बता दें कि इन सभी बदलावों के चलते अभी बिक रही कुछ मौजूदा कारों के बंद होने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। इन गाड़ियों में मारुति सुजकी जिप्सी से लेकर टाटा नैनो तक शामिल हैं।

मारुति सुजकी जिप्सी

बता दें कि 1980 के दशक में भारतीय कार बाजार कदम रखने वाली मारुति जिप्सी को लेकर कहा जा रहा है कि कंपनी इसे 2019 में कंपनी बंद कर देगी। इसे बंद करने की जो मुख्य वजह है वो इस साल से लागू होने वाले भारत न्यू व्हीकल सेफ्टी एसेस्मेंट प्रोग्राम (BNVSAP) है। जिप्सी को अपनी ऑफ-रोड क्षमता और कम कर्ब वेट (980 Kg) के लिए ‘माउंटेन गोट’ के रूप में जाना जाता है। इसे भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा भी उपयोग किया जाता है।

मारुति ओमनी

1985 में लॉन्च की गई मारुति की इस गाड़ी का तीन दशकों से भारत में कोई नया जनरेशन मॉडल लॉन्च नहीं किया गया है। अभी जो ओमनी बाजार में उपलब्ध है वो ना तो क्रैश टेस्ट को पूरा कर सकेगी और ना ही इसका पुराना 796cc कार्बोरेटेड इंजन कड़े BS-6 उत्सर्जन मानदंड़ों को पूरा करने में सक्षम है, ऐसे में कंपनी ओमनी को बंद कर सकती है।

महिंद्रा जाइलो

9 लाख से 12 लाख के बीच आने वाली महिंद्रा जाइलो का 2009 के बाद से अभी तक नया जनरेशन मॉडल लॉन्च नहीं किया है। यह कार भी आगामी क्रैश टेस्ट को पास करने में सफल नही है। यही नहीं इस कार की बॉडी को भी टेस्ट के दौरान अस्थिर बताया गया था। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कंपनी जायलो को भारत में बंद कर देगी।

टाटा नैनो

भारत के आम लोगों सस्ती कार देने के मकसद से टाटा ने 2008 में नैनो को लॉंच किया था। इसकी कीमत कम थी लेकिन इसके बाद भी यह कार कंपनी की उम्मीदों पर खड़ी नहीं उतरी और आगामी मानदंड़ो के चलते इसे बंद किया जा सकता है।

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