ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को मोदी सरकार ने दिया झटका, अब नहीं मिलेगा कोई डिस्काउंट और कैशबैक !

Written by Newsroom Staff December 27, 2018 12:56 pm

नई दिल्ली। अगर आप सोच रहे हैं कि नए साल पर आपको ऑनलाइन शॉपिंग के वक्त कैशबैक या बंपर डिस्काउंट का फायदा मिलने वाला है तो आप गलत हैं। दरअसल सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों को लेकर नए नियम जारी किए है। जिसके बाद ये कंपनियां इस तरह के ऑफर नहीं दे पाएंगी।

आपको बता दें कि सरकार ने फ्लिपकार्ट और अमेज़न जैसी ई-कॉमर्स (E-commerce) कंपनियों के लिए नियमों को सख्त कर दिया है। हालांकि, नए नियमों से घरेलू कारोबारियों को फायदा होगा।

आपको बता दें सरकार की ओर से जारी नए नियमों के मुताबिक, कोई भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म सप्लायर को खास रियायत नहीं दे सकता है। ऐसे में  कैशबैक, एक्सक्लूसिव सेल या किसी पोर्टल पर एक ब्रैंड के लॉन्च, अमेज़न प्राइम और फ्लिपकार्ट एश्योर्ड जैसी डील्स या किसी तरह की खास सेवा देने में अब कंपनियों को परेशानी हो सकती है।

वहीं मंत्रालय ने कहा, ऐसी कोई भी इकाई जिनके ऊपर ई-कॉमर्स कंपनी या उसके समूह की किसी कंपनी का नियंत्रण हो या उनके भंडार में ई-कामर्स कंपनी या उसके समूह की किसी कंपनी की हिस्सेदारी हो तो वह इकाई संबंधित ऑनलाइन मार्केट प्लेस (मंच) के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री नहीं कर सकेगी।’ माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम से छोटे व्यापारियों को फायदा होगा।

हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेज़न और डब्ल्यूएस रिटेल को फ्लिपकार्ट से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन नए नियमों की वजह से वो संबंधित प्लेटफॉर्म्स पर सामान नहीं बेच पाएंगी। फ्लिपकार्ट की नई मालिक वॉलमार्ट खुद इस ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पर सामान नहीं बेच पाएगी। ई-कॉमर्स वेबसाइट पर कोई एक वेंडर कितना सामान बेच सकता है, इसकी भी सीमा तय की गई है।

मंत्रालय ने कहा कि ये बदलाव 1 फरवरी, 2019 से प्रभावी होंगे। मंत्रालय ने ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा कस्टमर्स को भारी छूट दिये जाने के खिलाफ घरेलू कारोबारियों की आपत्तियों के मद्देनज़र ये फैसला लिया है। सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का परिचालन करने वाली कंपनियों में शत-प्रतिशत विदेशी हिस्सेदारी की छूट दे रखी है पर नियम के अनुसार वे माल की इन्वेंट्री (खुद का स्टाक) बना कर उसकी बिक्री अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं कर सकतीं है।

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