किसानों के लिए समर्पित मोदी सरकार, 2020 तक दोगुनी करेगी किसानों की आय

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को कृषि क्षेत्र का निर्यात 2022 तक दोगुना कर 60 अरब डालर पर पहुंचाने के लक्ष्य को सामने रखते हुए कृषि निर्यात नीति को मंजूरी दे दी।

बता दें, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने मंत्रिमंडल के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि कृषि निर्यात नीति का मकसद क्षेत्र से चाय, कॉफी, चावल आदि के निर्यात को बढ़ावा देना है। इससे ग्लोबल एग्रीकल्चर मार्केट में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सुरेश प्रभु ने बताया, “2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप है। हमने कृषि निर्यात 30 अरब डॉलर से बढ़ाकर 37 अरब डॉलर किया है और हमें पक्का विश्वास है कि 2022 तक यह दोगुना बढ़कर 60 अरब डॉलर हो जाएगा।”

उन्होंने कहा, “आज हमारे कुल कृषि निर्यात में चावल, समुद्री उत्पाद और गोश्त जैसे तीन ही उत्पादों का योगदान 52 फीसदी है। इसलिए हमें इसमें विविधता लानी होगी और हम उस दिशा में काम कर रहे हैं। हम जैविक, नस्ली और देसी उत्पादों को प्रमुखता से प्रोत्साहन देंगे।” मंत्री ने कहा कि प्याज जैसे घरेलू जरूरतों के कुछ प्रमुख कृषि उत्पादों को छोड़कर सभी जैविक और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों से निर्यात प्रतिबंध हटा लिया जाएगा। इस नीति में कृषि निर्यात से जुड़े सभी पहलुओं पर गौर किया गया है।

इसमें ढांचागत सुविधाओं का आधुनिकीकरण, उत्पादों का मानकीकरण, नियमन को बेहतर बनाना, बिना सोचे फैसले फैसलों पर अंकुश और शोध एवं विकास गतिविधियों पर ध्यान दिया गया है।

केबिनेट मीटिंग में इन बातों पर विशेष गौर क‍िया गया। नेशनल पेंशन स्कीम में बदलाव को मंजूरी; पुरानी सुविधाएं जोड़ी गई।  जलियांवाला बाग नैशनल मेमोरियल ऐक्ट 1951 में संशोधन को भी मिली मंजूरी। एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पॉलिसी 2018 को मिली मंजूरी। पीईसी, आरईसी के अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी।

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