किस चीज की वकालत करते हैं अहमदाबाद के ये मुस्लिम बच्चे, जानकर चौंक जाएंगे (वीडियो)

Written by Newsroom Staff June 18, 2017 4:57 pm

नई दिल्ली। भारत में रंग, पहनावे और पेशे जैसी कई अन्य चीजों के अकसर धर्म से जोड़कर देखा जाता रहा है। लेकिन गुजरात के एक स्कूल में जो देखने को मिला वो कुछ और ही बयान कर रहा था।

अहमदाबाद की जुहापुरा जैसे मुस्लिम इलाके में शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चे धर्म या किसी और चीज को स्वास्थ के आड़े नहीं आने देते। रमजान के रोजे को दौरान इस स्कूल में जो कुछ देखने को मिल रहा है वह वाकई अचंभित करने वाला है।

आगे: वीडियो में देखिए किस तरह धर्म को स्वास्थ के आड़े नहीं आने दे रहे ये बच्चे

भले ही सूर्य नमस्कार को कुछ लोग मुस्लिम विरोधी करार दे रहे हों, लेकिन अहमदाबाद के मुस्लिम इलाके में बने स्कूल और छात्र ऐसा नहीं मानते हैं। अहमदाबाद की जुहापुरा जैसे मुस्लिम इलाके में बने स्कुल में योग दिवस की तैयारियां चल रही हैं।

ये पूरा मुस्लिम स्कूल है, इसके बावजूद 21 जून को मनाए जाने वाले योग दिवस की तैयारी जोरों से चल रही है। रमजान का महीना भी चल रहा है ऐसे में अधिकांश बच्चे रोजा रखते हैं। इसके बावजूद भी बच्चे योग का हिस्सा बन रहे हैं। योग के महत्वपूर्ण हिस्से सूर्य नमस्कार से भी इन्हें कोई गुरेज नहीं है।

आगे: गीता और कुरान का हवाला देकर योग से जुड़ा संदेश दे रहे छात्र

यहां आ रहे छात्र-छात्राएं धर्म से योग को दूर रखने की वकालत करते हैं। शरीर की स्फूर्ति और ताजगी के लिए योग को अनिवार्य मानते हैं। यहां के बच्चों का मानना है कि अगर शरीर स्वस्थ्य हो तो धर्म का पालन होगा। गीता और कुरान का हवाला देकर छात्र कहते हैं कि शरीर का स्वस्थ्य होना हर धर्म की जरूरत है।

वहीं इस स्कुल में पी टी आई के जॉब पर तैनात मास्टर का कहना है कि उनके स्कूल में सालों से योगा कराया जाता है। सरकार ने भी उसकी खबर ली है। इस बात की उन्हें खुशी है। 21 तारीख को होने वाले कार्यक्रम में उनका स्कूल भी हिस्सा बनेगा। उन्होंने कहा कि उनका धर्म है कि उनके बच्चों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करना और वह यह काम कर रहे हैं।

 

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