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पेट्रोल और डीजल के दाम में शनिवार को लगातार तीसरे दिन वृद्धि का सिलसिला जारी रहा। पेट्रोल के दाम में छह पैसे प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई।

बैंक के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर में व्यक्त किया जाता है और इस पर भंडार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिग, येन जैसी अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है।

पेट्रोल और डीजल के दाम में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन वृद्धि जारी रही। दिल्ली कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल के दाम में 14 पैसे जबकि चेन्नई में 15 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई।

डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को सपाट 71.25 पर खुला, लेकिन बाद में चार पैसे की बढ़त के साथ 71.21 पर बना हुआ था। उधर, ब्रिटिश पाउंड समेत कुछ मुद्राओं में डॉलर के मुकाबले कमजोरी आने से डॉलर इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई।

आपको बता दें कि इससे पहले कर्मचारी भविष्य निधि पर ब्याज दर 8.55 हुआ करती थी। इस फैसले के बाद से सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को फायदा होगा।

एक दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि दर्ज की गई। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में फिर पेट्रोल 15 पैसे और कोलकाता में 14 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। 

देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में गुरुवार को गिरावट का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.53 बजे 26.73 अंकों की गिरावट के साथ 35,729.53 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 5.45 अंकों की कमजोरी के साथ 10,730.00 पर कारोबार करते देखे गए।

पट्रोल और डीजल की महंगाई पर छह दिन बाद बुधवार को एक बार फिर विराम लग गया। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखी हैं। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली समेत चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं दर्ज किया गया है।

मुद्रा बाजार विश्लेषक बताते हैं कि ओवरसीज फंड आउटफ्लो होने से भी रुपये पर दबाव आया है और डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को दैनिक कारोबार के दौरान 71.17-71.72 के बीच रह सकता है।