नहीं चलेगी मनमानी ! अब फेसबुक पर राजनीतिक विज्ञापन डालने से पहले पहचान बताना होगा जरूरी

नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले प्रचार में पारदर्शिता लाने के लिए फेसबुक ने सभी एडवर्टाइजर्स को अपनी पहचान और लोकेशन बताने का निर्देश दिया है। कंपनी ने कहा है कि फेसबुक पर ऐसे विज्ञापन देने वालों को पहले अपनी पहचान बतानी होगी।

फेसबुकफेसबुक ने कहा है कि अगले साल की शुरुआत में वो सभी पॉलिटिकल एडवर्टीजमेंट के बारे में जानकारी देते हुए डिसक्लेमर दिखाना शुरू करेगा। इसके अलावा एक ‘ऑनलाइन सर्चेबल ऐड लाइब्रेरी’ भी खोली जाएगी, जिसमें विज्ञापन पर हुए खर्चे और इस विज्ञापन को किसने देखा, उस पर कितने इम्प्रेशन आए, इसकी जानकारी भी दी जाएगी।

फेसबुक ने कहा कि पॉलिटिकल एडवर्टीजमेंट वो ही एडवर्टाइजर्स चला सकते हैं जिन्होंने आइडेंटिफिकेशन ऑथेराइजेशन प्रॉसेस को पूरा किया हो और उस पर डिसक्लेमर भी हो। इसमें यह भी कहा गया कि एडवर्टाइजर्स को ऑथेराइज करने और ऐड्स में पारदर्शिता लाने पर हम भारत के चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप को रोक सकेंगे।

फेसबुक के प्रोडक्ट मैनेजर सारा क्लार्क स्किफ ने बताया कि हमलोग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन को लेकर बड़े बदलाव करने जा रहे हैं। हमलोगों ने अमेरिका, ब्राजील और यूके में कई बदलाव किए हैं अब हमारा अगला कदम भारत में चुनाव के दौरान दिए जाने वाले राजनीतिक विज्ञापनों को लेकर बड़े बदलाव और पारदर्शिता लाने की है।

सारा ने कहा कि इस बदलाव का सीधा प्रभाव अगले साल भारत में होने वाले आम चुनाव के राजनीतिक विज्ञापनों पर पड़ेगा। फेसबुक ने कहा कि भारत में विज्ञापनदाताओं को शुक्रवार यानी आज से ही नए नियमों का पालन करना होगा।

फेसबुक ने कहा, हम एक पॉलिसी बनाएंगे, जहां सभी राजनीतिक विज्ञापन पर लिखा होगा कि यह एक राजनीतिक विज्ञापन है। यह नियम न्यूज पब्लिशर्स पर लागू नहीं होगा। इस नए नियम से चुनाव के दौरान विदेशी हस्तक्षेप को रोकने में काफी मदद मिलेगी।

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