सवर्ण गरीबों को 10% आरक्षण का रास्ता साफ, राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

Written by Newsroom Staff January 12, 2019 8:02 pm

नई दिल्ली। आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण के संविधान संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने इस बाबत अधिसूचना जारी की है। अब सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय एक हफ्ते के भीतर नियमों को अंतिम रूप देगा, जिसके साथ ही आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए यह आरक्षण लागू हो जाएगा।

बता दें कि इस ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को मंगलवार को लोकसभा और फिर बुधवार को राज्यसभा की मंजूरी मिली थी। राज्यसभा ने बीते बुधवार को करीब 10 घंटे तक चली बैठक के बाद संविधान (124 वां संशोधन), 2019 विधेयक को सात के मुकाबले 165 मतों से मंजूरी दी थी, वहीं इससे ठीक एक दिन पहले लोकसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी, जहां मतदान में तीन सदस्यों ने इसके विरोध में मत दिया था।

उच्च सदन में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया। कुछ विपक्षी दलों ने इस विधेयक को लोकसभा चुनाव से कुछ पहले लाए जाने को लेकर सरकार की मंशा तथा इस विधेयक के न्यायिक समीक्षा में टिक पाने को लेकर आशंका जताई, हालांकि सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिये लाया गया है।केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने इससे पहले इस विधेयक पर राज्यसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए इसे सरकार का एक ऐतिहासिक कदम बताया था। उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से यह पूछा कि जब उन्होंने सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने का अपने घोषणापत्र में वादा किया था तो वह वादा किस आधार पर किया गया था, क्या उन्हें यह नहीं मालूम था कि ऐसे किसी कदम को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।

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