Realty

यह पार्टनरशिप भारत सरकार की मत्वाकांक्षीय योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी लोगों को 2022 तक घर मुहैया कराने की दिशा में भी सहायक सिद्ध होगी। यह पार्टनरशिप तीन अलग-अलग स्तर के ग्राहकों के लिए फायदेमंद रहेगी।

कंपनी पहले चरण में दस लाख वर्ग फुट में 'अर्बन स्क्वायर' के नाम से परियोजना विकसित कर रही है। भूमिका समूह के निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी उद्धव पोद्दार ने कहा, ''हम उदयपुर में अपनी पहली रीयल एस्टेट परियोजना विकसित कर रहे हैं।

बता दें कि रीयल एस्टेट क्षेत्र में रीयल एस्टेट नियमन और विकास कानून (रेरा) 2016 को एक मई 2017 से लागू किया गया था। सबसे पहले महाराष्ट्र सरकार ने 'महा रेरा' नाम से राज्य में इस कानून को लागू किया था।

जीएसटी काउंसिल ने एक ट्वीट में कहा कि, "आवासीय अचल संपत्ति परियोजना के लिए पुरानी जीएसटी दरों (आईटीसी के साथ 8 फीसदी या 12 फीसदी) या फिर नई जीएसटी दरों (बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ 1 फीसद या 5 फीसद) के विकल्प का उपयोग करने की तारीख को 10 मई से बढ़ाकर 20 मई 2019 किया जा रहा है।"

सर्कुलर के मुताबिक शुरुआती सूचीबद्धता होने पर सौदे का लॉट 100 यूनिट होना चाहिए जबकि इसके बाद प्रत्येक लॉट में उसी संख्या में यूनिट होने चाहिए जो उसके प्रारम्भिक पेशकश के समय रखा गया था।

यदि किसी घर खरीदार ने पिछले फाइनेंसियल इयर में बुक कराया गया फ्लैट निरस्त कराया है तो बिल्डर को उस फ्लैट पर किये गये माल एवं सेवाकर यानि की (जीएसटी) भुगतान का रिफंड करना होगा।

अब ऐसे में आम्रपाली समूह की धोखाधड़ी में फंसे निवेशकों में आशा की नई किरण जगी है। मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त फारेंसिक ऑडिटरों ने न्यायालय से कहा है कि विभिन्न स्रोतों से लगभग 11 हजार करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं, जो अधूरे परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त से अधिक है।

एक ओर जहां भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश कर अपने खुद का घर खरीदने का सपना पूरा कर रहें है तो वहीं दूसरी ओर विदेशी निवेशक भी भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश करना पसंद कर रहे हैं।रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रियल एस्टेट में कैलेंडर वर्ष 2019 की पहली तिमाही में आए कुल निवेश में से 81 फीसदी यानी 11,338 करोड़ का निवेश विदेशियों ने किया है।

पिछले कुछ दिनों से आम्रपाली समूह पर धोखाधड़ी का मामला चल रहा है। कुछ दिनों पहले ही इस मामले में एमएस धोनी के साथ की गई धोखाधड़ी का भी मामला सामने आया था।