एनारॉक का दावा, दिल्ली-NCR में घरों की बिक्री 13% घटी

एनारॉक ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 2019 की तीसरी तिमाही में करीब 55,080 यूनिट्स की बिक्री हुई। यह 2019 की दूसरी तिमाही से 20 प्रतिशत और एक साल पहले की तीसरी तिमाही से 18 प्रतिशत कम है।

Written by: October 2, 2019 1:58 pm

नई दिल्ली। देश के सात प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान मकानों की बिक्री 18 प्रतिशत गिरकर 55,080 यूनिट रह गई। रियल एस्टेट से जुड़ी सेवाएं देने वाली फर्म एनारॉक ने एक रिपोर्ट में कहा कि खरीदार बहुत सोच-समझकर रियल एस्टेट में पैसा लगा रहे हैं। दिल्ली-NCR, मुंबई महानगर क्षेत्र, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद में पिछले साल की इसी अवधि में 67,140 फ्लैट्स की बिक्री हुई थी। बेंगलुरु में घरों की बिक्री में गिरावट 35 प्रतिशत तक रही।

एनारॉक ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 2019 की तीसरी तिमाही में करीब 55,080 यूनिट्स की बिक्री हुई। यह 2019 की दूसरी तिमाही से 20 प्रतिशत और एक साल पहले की तीसरी तिमाही से 18 प्रतिशत कम है। फर्म ने कमजोर रुख के अलावा, सबवेंशन स्कीम पर रोक और ‘श्राद्ध’ पक्ष को भी आवास बिक्री में गिरावट के लिए जिम्मेदार ठहराया।

एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, ‘इस तिमाही में नए मकानों की आपूर्ति और बिक्री में गिरावट की उम्मीद थी क्योंकि घर खरीदार और डिवेलपर दोनों सतर्क हैं और जोखिम से बच रहे हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से किए गए उपायों से त्योहारी सीजन और उसके आगे आने वाली तिमाहियों में घरों की मांग बढ़ेगी। पुरी ने कहा कि हाल में कॉरपोरेट टैक्स में की गई कटौती से घरेलू और विदेशी निवेशक इस क्षेत्र में अधिक पैसा लगाएंगे।

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बेंगलुरु में घरों की बिक्री में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। यहां यह 35 प्रतिशत गिरकर 10,500 यूनिट्स रह गई। इसके बाद हैदराबाद में बिक्री 32 प्रतिशत घटकर 3,280 यूनिट रही। कोलकाता में मकानों की बिक्री 27 प्रतिशत कम होकर 3,120 जबकि दिल्ली-NCR में मांग 13 प्रतिशत घटकर 9,830 यूनिट पर आ गई।

इस साल जुलाई-सितंबर में चेन्नई में बिक्री 11 प्रतिशत गिरकर 2,620, पुणे में 8 प्रतिशत गिरकर 8,550 और मुंबई महानगर क्षेत्र में 6 प्रतिशत गिरकर 17,180 यूनिट्स रही। शीर्ष सात शहरों में नहीं बिके मकानों की संख्या 6.56 लाख इकाइयों पर रही। यह जून तिमाही के अंत में 6.66 लाख इकाइयों से थोड़ा कम है।