20,000 होम बायर्स अपने नए घर में मनाएंगे दिवाली!

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 20,000 होमबायर्स को दिवाली का तोहफा मिल सकता है। बिल्डरों ने उम्मीद से पहले पजेशन लेटर देने की तैयारी शुरू कर दी है।

Written by: September 25, 2019 1:58 pm

नई दिल्ली। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 20,000 होमबायर्स को दिवाली का तोहफा मिल सकता है। बिल्डरों ने उम्मीद से पहले पजेशन लेटर देने की तैयारी शुरू कर दी है। वे लोकल अथॉरिटीज से ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट लेने से पहले ही पजेशन लेटर दे सकते हैं। उत्तर प्रदेश की रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने 16 सितंबर को एक आदेश में कहा था कि अगर अथॉरिटी आवेदन करने के एक हफ्ते के अंदर ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट जारी करने या कोई आपत्ति जताने में नाकाम रहती है तो बिल्डर बायर्स को फ्लैट का पजेशन देना शुरू कर सकते हैं।

अभी तक के नियमों के मुताबिक, किसी भी बिल्डर को प्रॉजेक्ट पूरा होने के बाद ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए आवेदन करना पड़ता था और वह अथॉरिटी की ओर से सर्टिफिकेट जारी होने के बाद ही बायर्स को फ्लैट की चाबी सौंप सकता था। इसके बाद बिल्डर को सभी बकायों और रिसीट के भुगतान के बाद नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) के लिए आवेदन करना होता है और उसके बाद वह रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरा कर सकता है।

यूपी-रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया, ‘रेरा का उद्देश्य बायर्स को समय पर फ्लैट दिलाना है। हमने यह देखा कि ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट जारी करने में कुछ अनावश्यक देरी हो रही थी और उसके बाद फिर एनओसी में भी यही मामला था। हमने अथॉरिटी से कहा है कि दोनों ही मामलों में फ्लैट का पूरा भुगतान कर चुके बायर्स को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अगर बिल्डर कुछ निश्चित शर्तों का पालन कर रहा है तो बायर्स को फ्लैट की चाबी मिलनी चाहिए।’

Patna Shelter home

कुमार ने कहा कि उन्हें इस नोटिफिकेशन के जारी होने से आने वाले दिनों में 15,000-20,000 होमबायर्स को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। जिन बिल्डरों ने प्रोजेक्ट पूरे कर लिए हैं, वे त्योहारी सीजन के शुरू होने से पहले ही बायर्स को फ्लैट सौंपना चाहते हैं। मिगसुन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी ने बताया, ‘ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट नहीं जारी होने के चलते कई पूरे हो चुके प्रॉजेक्ट्स में बायर्स को फ्लैट की चाबी सौंपने में देरी होती है। ऐसे में हम रेरा के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत करते हैं। इससे बायर्स को काफी राहत मिलेगी। हम इस वित्त वर्ष के अंत 2000 यूनिट्स की डिलिवरी की भी तैयारी कर रहे हैं।’

गौतम बुद्ध नगर के डीएम बी एन सिंह के मुताबिक, यह प्रावधान पहले भी नियम में था और रेरा के नोटिफिकेशन के बाद वह ऐग्रिमेंट को लागू करना शुरू कर देंगे और सभी बकायों के भुगतान के बाद अंतिम रजिस्ट्री की जाएगी।