प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने को लेकर नए नियम ला रही है सरकार, जानिए कैसे होगा इसका असर

सूत्रों की मानें तो प्रॉपर्टी की धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार अब 30 साल तक पुरानी प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन डिजिटल करेगी, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ऑनलाइन देखे जा सकेंगे। इसमें सभी तरह के लैंड रिकॉर्ड के लिए पोर्टल बनेगा।

Written by: December 22, 2019 2:42 pm

नई दिल्ली। धोखाधड़ी से एक ही प्रॉपर्टी को कई लोगों को बेचना अब आसान नहीं होगा। मीडिया सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार ने प्रॉपर्टी में धोखाधड़ी रोकने के लिए खास रणनीति तैयार की है जिसके तहत प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ऑनलाइन होंगे। सूत्रों की मानें तो प्रॉपर्टी की धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार अब 30 साल तक पुरानी प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन डिजिटल करेगी, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ऑनलाइन देखे जा सकेंगे। इसमें सभी तरह के लैंड रिकॉर्ड के लिए पोर्टल बनेगा। उस ऑनलाइन पोर्टल पर कोई भी जाकर देख सकेगा किस प्रॉपर्टी का मालिक कौन है, किसने किसको बेचा और कब बेचा।propertyसूत्रों के मुताबिक, विवाद निपटारे के लिए इंडिपेंडेंट ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम बनेगा। जिसके तहत तय समय सीमा में विवादों का निपटारा किया जाएगा।
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बता दें कि 2008 में लैंड रिकॉर्ड मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम शुरू किया गया था। राज्यों ने नई जमीन की रजिस्ट्री ऑनलाइन शुरू की है। अधिकांश राज्यों ने 2-3 फीसदी रजिस्ट्री ऑनलाइन डाली है। सूत्रों के अनुसार प्रॉपर्टी मामलों पर भी सरकार का फोकस ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की तरह ही होगा।property

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार प्रॉपर्टी ओनरशिप के लिए नया कानून लाने की तैयारी में है. इसके तहत अपनी फिक्स्ड एसेट्स के मालिकाना हक के लिए उसको आधार से लिंक कराना जरूरी होगा। इससे जमीन-मकान की खरीदारी में धोखाधड़ी रोकने के साथ बेनामी संपत्ति का भी खुलासा होगा।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अपनी प्रॉपर्टी को आधार से जो भी लिंक कराएगा, उसकी संपत्ति पर कब्जा होता है तो उसे छुड़ाना सरकार की जिम्मेदारी होगी या फिर सरकार मुआवजा देगी। property 2आधार लिंक नहीं कराने पर सरकार जिम्मेदारी नहीं लेगी। आधार को प्रॉपर्टी से लिंक कराना ऑप्शनल होगा। अगर लोग चाहते हैं कि सरकार उनकी संपत्ति की गारंटी ले तो आधार लिंक कराना ही होगा।