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अगर को-ऐप्लिकेंट महिला हो तो ब्याज दर में ज्यादा छूट मिलती है। बैंक महिलाओं को पुरुष के मुकाबले ब्याज दर में 0.05 फीसदी की रियायत देता है। कई बार बैंक की यह कंडीशन होती है कि महिला को-ऐप्लिकेंट लोन में हिस्सेदार के साथ-साथ को-ओनर भी हो।

भले ही केंद्र सरकार ने आपके सपनों के घर को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये के फंड के लिए मंजूरी दे दी हो लेकिन अभी तक अधूरे पड़े मकानों में काम तक शुरू नहीं किया गया है। वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञ इस ढ़िलाई की वजह कुछ और ही बता रहे हैं।

स्टेट रेरा की वेबसाइट पर जाएं और Appellate Tribunal में जाकर online Appeals में जाएं। यहां आपसे लॉगइन और पासवर्ड जनरेट करने को कहा जाएगा।

इससे बड़े पैमाने पर नए प्रोजेक्ट आएंगे। कमर्शियल प्रोजेक्ट में बड़े व्यावसायिक निर्माण के साथ ही छोटे स्टार्टअप शुरू करने के लिए युवा निवेशकों को प्राइम एरिया में जगह मिल सकेगी।

प्रॉपर्टी लोन लेते समय केवल ब्याज दरों पर ध्यान न दें क्योंकि इसके अलावा भी कई कारक होते हैं जिन पर आपको लोन लेने का फैसला करना चाहिए।

मान लीजिए, आपका होम लोन सैंक्शन हो गया है और आप अपना नया घर खरीदने से कुछ ही कदम दूर हैं। अब जबकि आप मुख्य बाधा को पार कर चुके हैं

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली के अधूरे प्रॉजेक्टों को पूरा करने की कवायद शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूको बैंक ने बायर्स से पेमेंट लेने के लिए ऑनलाइन लिंक जारी कर दिया है। फिलहाल बायर्स सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट ही कर सकते हैं।

एनारॉक ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 2019 की तीसरी तिमाही में करीब 55,080 यूनिट्स की बिक्री हुई। यह 2019 की दूसरी तिमाही से 20 प्रतिशत और एक साल पहले की तीसरी तिमाही से 18 प्रतिशत कम है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 20,000 होमबायर्स को दिवाली का तोहफा मिल सकता है। बिल्डरों ने उम्मीद से पहले पजेशन लेटर देने की तैयारी शुरू कर दी है।