सपा-बसपा के गठबंधन का हुआ ऐलान, 38-38 सीटों पर बनी बात, कांग्रेस को रखा बाहर

Written by Newsroom Staff January 12, 2019 12:16 pm

नई दिल्ली। 2019 को लोकसभा चुनाव को देखते हुए और मोदी सरकार को दोबारा सत्ता में ना आने देने के लिए सपा और बसपा ने आपस में हाथ मिला लिया है। बता दें कि लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि “सपा-बसपा की ये प्रेस कॉन्फ्रेंस पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह दोनों गुरु और चेले की नींद उड़ाने के लिए हो रही है।”

सीट के बंटवारे को लेकर मायावती ने बताया कि सपा-बसपा 38-38 सीटों पर लोकसभा चुनाव मैदान में उतरेगी। और दो सीटें सहयोगी दलों के खाते में होंगी।

कांग्रेस को लेकर कहा कि कांग्रेस इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है लेकिन इसके बाद भी अमेठी और रायबरेली में सपा-बसपा गठबंधन का कोई उम्मीदवार नहीं लड़ेगा।

कांंग्रेस को गठबंधन में शामिल ना करने पर मायावती ने कहा कि “बीजेपी-कांग्रेस दोनों की कार्यशैली एक जैसी है। दोनों की सरकार में घोटाले हुए हैं। कांग्रेस को बोफोर्स मामले में सरकार गंवानी पड़ी थी, अब BJP को राफेल घोटाले को लेकर सरकार गंवानी पड़ेगी।”

प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत बसपा सुप्रीमों मायावती ने की और भाजपा पर हमलावर रहीं। मायावती ने कहा- “जब से बीजेपी पावर में आई है तब से अपने विरोधियों के खिलाफ सरकारी मिशनरी का दुरुपयोग किया है। इसकी सजा उन्हें मिलेगी।”

मायावती लोकसभा चुनाव लडेंगी या नहीं इस पर बोलती हुई मायावती ने कहा कि “इसपर समय आने पर जवाब मिल जाएगा।”

गठबंधन में बराबर की सीट बांटने पर अखिलेश यादव ने कहा कि “गठबंधन के लिए मैंने 2 कदम पीछे हटने को कहा था, लेकिन मायावती ने बराबरी का सम्मान दिया।”

अखिलेश यादव ने कहा कि, “बीजेपी ने यूपी को जाति प्रदेश बनाया, यूपी में अत्याचार किया, समाज में नफरत को बढ़ाया है, प्रदेश में भूखमरी और गरीबी चरम पर है।”

प्रेस कांफ्रेंस में मायावती की बातें:

मायावती ने कांग्रेस को गठबंधन में शामिल ना करने पर कहा:

“इस संबंध में आप सभी को मालूम है देश की आज़ादी के बाद सबसे ज्यादा राज कांग्रेस ने ही किया, इनके शासनकाल में देश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा मिला है, ऐसी स्थिति में बीजेपी की शासन शैली भी कांग्रेस जैसी है, इन दोनों के शासनकाल में भ्रष्टाचार हुए हैं, कांग्रेस के दौर में बोफोर्स के बाद वर्तमान में बीजेपी के शासन काल मे राफेल घोटाला भी सामने आया है।

मायावती ने कहा, “मौजूदा दौर का माहौल भी अघोषित तौर पर इमरजेंसी का माहौल है। सरकारी तंत्र का दुरुपयोग जारी है। कांग्रेस के साथ गठबंधन करके हमको कोई खास फायदा नहीं होगा, कांग्रेस जैसी पार्टियों को हमसे पूरा वोट का लाभ मिल जाता है, लेकिन हम जैसी ईमानदार पार्टियों का वोट उनका वोट नहीं मिल पाता।

इसलिए आने वाले लोकसभा चुनाव में हमने कांग्रेस को गठबंधन में शामिल नही किया है, और आगे भी उन (कांग्रेस) जैसी अन्य किसी पार्टियों को शामिल नहीं करने का निर्णय किया है।

राममंदिर पर बोलते हुए कहा कि भाजपा राम मंदिर मुद्दे पर केवल जनता को गुमराह कर रही है।

4 जनवरी हमने दिल्ली में बैठकर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर समन्वय कर लिया है,जिसकी भनक लगते ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम जानबूझकर सीबीआई में नाम घसीटा जा रहा है।

राममंदिर पर केवल जनता को गुमराह किया गया है

मायावती ने कहा ये गठबंधन लम्बा चलेगा, लोकसभा के बाद विधानसभा में भी चलेगा

प्रेस कांफ्रेंस में बोले अखिलेश यादव

सबसे पहले मायावती जी को बधाई देता हूं

बीजेपी के 5 साल के शासन में सब पर अत्याचार हुआ है

बीजेपी ने एक सूत्र में बाधने के सिवाय बाटने का काम किया है

हॉस्पिटल ने इलाज से पहले जाति पूछा जा रहा है

थाने में पीड़ित से जाति पूछ कर मुक़दमा दर्ज किया जा रहा है

पूरे देश मे आरजकता का मौहाल है

सपा-बसपा मिलकर बीजेपी का सफाया करेंगे

भाजपा का विनाश करने के किये समाजवादी और बसपा का मिलना जरूरी था, हमने यही कहा था कि इस गठबंधन के लिए अगर हमको दो कदम पीछे हटना पड़े तो हमको मंजूर हैं।

भाजपा के लोग जान लें आज से अगर बीएसपी की मुखिया मायावती जी अगर अपमान होता है तो वो मेरा अपमान होगा

मायावती जी का सम्मान मेरा सम्मान है

यह सपा कार्यकर्ता भी जान लें मायावती जी का सम्मान मेरा सम्मान है

प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीटों पर बंटवारा इस प्रकार है

बीएसपी 38 सीट पर, समाजवादी पार्टी 38 ओर, 2 लोकसभा अन्य साथियों के लिए छोड़ दी हैं, 2 सीट अमेठी, रायबरेली को कांग्रेस के लिए छोड़ दी हैं।

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