ध्वनी जैन ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तीसरे ब्रिक्स कार्यक्रम और इंटरनेशनल स्प्रिंग फेस्टिवल में भाग लिया

ध्वनि जैन, ब्रिक्स इंटरनेशनल फोरम और अध्यक्ष- एस.आर.पी.एम. के नेतृत्व में, भारत के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने तीसरे ब्रिक्स और एस.सी.ओ. इंटरनेशनल स्प्रिंग फेस्टिवल में भाग लिया।

Written by Newsroom Staff June 21, 2019 12:51 pm

नई दिल्ली। ध्वनि जैन, ब्रिक्स इंटरनेशनल फोरम और अध्यक्ष- एस.आर.पी.एम. के नेतृत्व में, भारत के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने तीसरे ब्रिक्स और एस.सी.ओ. इंटरनेशनल स्प्रिंग फेस्टिवल में भाग लिया।

इस उत्सव ने 2019-20 में एससीओ में रूस के राष्ट्रपति पद की शुरुआत को चिह्नित किया और यह रूस का सबसे बड़ा युवा कार्यक्रम था जिसमें 23 देशों के 2000 से अधिक युवाओं ने 4 जून से 9 जून तक स्टावरोपोल, रूस में भाग लिया।

कार्यक्रम में पर्याप्त, रोचक घटनाओं की एक पूरी श्रृंखला थी। प्रमुख राजनेताओं, सार्वजनिक हस्तियों, पत्रकारों के साथ सभा का आयोजन भी किया गया था। इसके अतिरिक्त युवा नेतृत्व, शैक्षिक एवं रचनात्मक परियोजनाओं के सत्र भी आयोजित किए गए।

 

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ब्रिक्स और एस.सी.ओ. देशों के युवा नेताओं का 4वां मंच समारोह का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम था।

जिसमें सभी भाग लेने वाले देशों के युवा नेताओं ने ब्रिक्स और एस.सी.ओ. देशों के बीच सॉफ़्ट पावर, सार्वजनिक कूटनीति और सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग के विषय में बात की।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख ध्वनि जैन ने संस्कृत श्लोक “लोका: समस्ता: सुखिनो भवन्तु”के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। जिसके द्वारा उन्होंने पृथ्वी पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए खुशी और स्वतंत्रता की कामना की। उनकी इस भावना को सभी प्रतिभागियों द्वारा सराहाया गया।

ध्वनि ने दुनिया में भारत की बढ़ती शक्ति के बारे में स्पष्ट रूप से बात की और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के निर्माण में युवाओं, विशेषकर महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया।उन्होंने विश्व शांति के लिए सहिष्णुता, मानवतावाद, धार्मिकता और सार्वभौमिक भाईचारे के भारतीय मूल्यों पर ध्यान केंद्रित किया।

भारत के अन्य प्रतिनिधियों ने सतत विकास लक्ष्यों, जलवायु परिवर्तन, समुद्री सहयोग और कला, संस्कृति और भाषा के बारे में बात की।

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शिखर सम्मेलन के मौके पर, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अन्य भाग लेने वाले देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, पर्यावरण और सामाजिक क्षेत्रों में वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा की। ब्रिक्स और एस.सी.ओ. देशों के युवाओं के समक्ष वार्तालाप बनाए रखने की महत्ता पर चर्चा हुई जिससे विश्व समस्याओं का समाधान सलाह और विचार विमर्श द्वारा सम्भव हो पाए।

स्टावरोपोलके उत्सव से पहले, ध्वनि जैन सहित भारत के २ अन्य प्रतिभागीमॉस्को में दो दिवसीय कार्यक्रम में सम्मिलित हुए, जिसके दौरान प्रतिनिधियों ने रूसी संघ के विदेश मंत्रालय और संघीय विधानसभा के राज्य ड्यूमा में चर्चा में भाग लिया।

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इस उत्सव ने विभिन्न राष्ट्रीयताओं, परंपराओं और संस्कृतियों के लोगों को मिलने का, बातचीत करने का और एक दूसरे को समझनेका अनूठा अवसर प्रदान किया, प्रतिभागियों के बीच दोस्ती और सद्भाव को मज़बूत किया एवं ब्रिक्स और एससीओ के भीतर रचनात्मक साझेदारी को और बेहतर बनाने में मदद की।

ध्वनि जैन ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के नारे को एक नयी परिभाषा देते हुए वैश्विक स्तर पर पहुँचाया। और सभी देशों से आग्रह किया कि वे एक शांतिपूर्ण, समतामूलक, न्यायसंगत और प्रगतिशील दुनिया के निर्माण हेतु भारत के साथ क़दम से क़दम मिलाकर कार्य करें। ताकि विश्व से क्षेत्रीय एवंधार्मिक संघर्ष, असमानता, प्रदूषण, हिंसा और आतंकवाद जैसी बुराइयों का समाधान हो सके।

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ध्वनि  ने “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भारतीय विचारधारा के बारे में भी बात की और दुनिया के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए भारत की प्रतिबद्धता के प्रति भागीदार देशों का ध्यान आकर्षित किया।