कोहली की कप्तानी पर कोच डेनियल विटोरी ने दिया बड़ा बयान

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने कहा, “यह हमेशा आंकड़ों की बात नहीं होती। यह अंदर से आने वाली आवाज और खेल की समझ की बात होती है। मुझे लगता है कि जब आप विराट के सामने कोई बात रखते हो तो वह हमेशा आपकी बात सुनने को तैयार रहते हैं और यही बात उन्हें अच्छा कप्तान बनाती है।”

Written by: May 7, 2019 8:10 am

बेंगलुरू। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के कोच डेनियल विटोरी का मानना है कि टीम के कप्तान विराट कोहली नए विचारों का स्वागत करते हैं और कप्तान के तौर पर अपने अंदर से आने वाली आवाज पर विश्वास करते हैं। विटोरी बेंगलोर की टीम में बीते छह साल से कोहली के साथ काम कर रहे हैं। कोहली हालांकि इस सीजन एक बार फिर टीम को प्लेऑफ में नहीं ले जा सके।

Daniel Vettori

वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने विटोरी के हवाले से लिखा है, “जब मैं उनसे बात करता हूं या कोई और कोच उनसे बात करता है, बात इस तरह से होती है कि आप क्या सोचते हैं, यह काम कर सकता है या नहीं।”

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने कहा, “यह हमेशा आंकड़ों की बात नहीं होती। यह अंदर से आने वाली आवाज और खेल की समझ की बात होती है। मुझे लगता है कि जब आप विराट के सामने कोई बात रखते हो तो वह हमेशा आपकी बात सुनने को तैयार रहते हैं और यही बात उन्हें अच्छा कप्तान बनाती है।”

Daniel Vettori

उन्होंने कहा, “मेरे लिए रणनीति बनाने और आंकड़ों का इस्तेमाल करने में मजबूत संबंध है। मुझे लगता है कि यह बेहद जरूरी है क्योंकि अगर आम तौर पर देखा जाए जो मुझे लगता है कि क्रिकेट अपनी पहुंच को लेकर काफी अपरिपक्व है। मुझे बेसबॉल पसंद है और मुझे लगता है कि वह आंकड़ों का अच्छे से इस्तेमाल करते होंगे। मैं एक कोच के तौर पर हमेशा जिस चीज से लड़ता रहता हूं वो है रणनीति।”

उन्होंने कहा, “आपको देखना होता है कि आपकी बनाई गई रणनीति कितनी बार कामयाब हुई, मान लें कि चार बार हम सफल हुए लेकिन चार बार बहुत बड़ी बात नहीं है। मुझे लगता है कि यह चुनौती है। आप जब कप्तान या टीम मालिक के सामने इस बात को रखते हैं तो आप इससे खुश होना चाहते हैं।”

Daniel Vettori

विटोरी ने कहा, “मैं बेसबॉल की कई वेबसाइट्स को फॉलो करता हूं। किसी भी रणनीति को कबूल करने से पहले वह चाहते हैं कि वह रणनीति कई बार सफल रही हो। जब आपके सामने डेविड वार्नर तथा युजवेंद्र चहल का मुकाबला हो तो आपको रणनीति बनानी होगी। मान के चलिए कि यह दोनों 33 बार आमने-सामने हुए, अब आप इसमें से कुछ रणनीति बनाएंगे। मुझे लगता है कि यह चीज समय के साथ बढ़ने वाली है। ऐसे में मुझे लगता है कि आंकड़ों पर विश्लेषण करना काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन जो लोग इसके लिए लिए जाते हैं वह अपना सिर इसी में खपाते हैं।”

कोहली अपनी कप्तानी में बेंगलोर को ज्यादा सफलता नहीं दिल पाए हैं। उनकी कप्तानी को लेकर कई बार सवाल भी उठे हैं। वह हालांकि इंग्लैंड एंड वेल्स में होने वाले विश्व कप में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे।