अजित पवार

महाराष्ट्र की राजनीति एक से बढ़कर एक नए रंग दिखा रही है। महीने भर से चल रहा महाराष्ट्र में सियासी ड्रामा आखिरकार थम गया है । गुरुवार शाम 6 बजकर 40 मिनट पर उद्धव ठाकरे शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे ।

इस बीच आदर्श सोसायटी की ओर से ईडी से गुजारिश की गई है कि उन्हें 3 महीने का टाइम दिया जाए। 3 महीनों में वह ईडी की ओर से मांगी गई जरूरी सूचना और दस्तावेजों को पेश कर देंगे। आदर्श सोसाइटी ने उस समय तक कोई भी कार्यवाही न करने का अनुरोध किया है।

जानकारी के मुताबिक वह डिप्टी सीएम बन सकते हैं। ये भी मुमकिन है कि उन्हें होम या फाइनेंस में से कोई एक अहम जिम्मेदारी दे दी जाए। एनसीपी अजित पवार को अपने प्रमुख चेहरे के तौर पर मान रही है।

डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद बुधवार को पहली बार अजित पवार मीडिया से रूबरू हुए। विधायक पद की शपथ लेने के बाद अजित पवार ने कहा कि मैं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में था और हूं। क्या आपके पास मुझे पार्टी से निकालने की लिखित जानकारी है? मैं पार्टी में था और हूं।

महाराष्ट्र में सरकार बदल गई है और अब राज्य में ठाकरे राज की शुरुआत हो रही है। उद्धव ठाकरे गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं, इस बीच संजय राउत ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है। इसके साथ ही महाराष्ट्र की नई सरकार में एनसीपी नेता अजित पवार क्या किरदार होगा, इसको लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि वह एक बड़ी भूमिका में होंगे।

पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने मुस्कराते हुए वहां सबको चौंका दिया जब उनके वहां पहुंचते ही उनकी चचेरी बहन सुप्रिया सुले ने उनका स्वागत किया और इसके बाद उन्होंने उन्हें गले लगा लिया।

महाराष्ट्र में सियासत रोज नया रंग दिखा रही है। अब मतदान का समय तय हो गया है। दोनों ही पक्षों की सबसे बड़ी चिंता अपने अपने विधायकों को संभाल कर रखने की है। इस बीच में नेता विधायक दल को लेकर पेच फंस गया है।

एसीबी ने साफ कर दिया है कि जो 9 मामलों की जांच बंद की गई है उससे अजित पवार का कोई संबंध नहीं है। इसके साथ ही एसीबी ने अपने पत्र में ये भी लिखा है कि, अन्य 24 मामलों की जांच जारी है।

एसीबी ने 70,000 करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले में अजित पवार को क्‍लीनचिट दी है। राज्य सरकार के सूत्रों की मानें तो जिन मामलों में अजित पवार को क्लीन चिट दी गई हैं इन मामलों से उनका संबंध नहीं है।

शिवसेना और एनसीपी के विधायकों को जिन द ललित और रेनिंसन्स होटल में रखा गया था, उनके बीच काफी फासला है। इसलिए दोनों ही पार्टी के विधायकों को आसपास के होटल में रखा जा रहा है।