अफगानिस्तान

अफगानिस्तान के नेशनल डाइरेक्टोरेट ऑफ सिक्योरिटी (एनडीएस) ने कहा है कि उसने इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) के खुफिया प्रमुख असदुल्लाह ओरकजई को मार गिराया है।

आरपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साहसिक फैसले की वजह से ही अफगानिस्तान में प्रताड़ना के शिकार सिख बंधुओं का आगमन संभव हो सका है। अगर नागरिकता संशोधन कानून नहीं बनता तो फिर पड़ोसी देशों में धार्मिक प्रताड़ना के शिकार, हिंदू, सिखों आदि को भारत में नागरिकता नहीं मिल पाती।

राज ने पत्र में कहा कि 15 जुलाई को पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की सीमा चौकियों और कुनार प्रांत के साराकानो तथा असद अबाद जिलों में रिहायशी इलाकों में ‘‘बिना उकसावे के तोपें दागनी’’ शुरू की।

इन चार देशों की इस पहली बैठक में वांग ने इस महामारी का मिल कर मुकाबला करने पर सहमति को मजबूत करने, कोरोनावायरस संकट के राजनीतिकरण से बचने और वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय का संयुक्त रूप निर्माण करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन को उसकी भूमिका निभाने में उसका दृढता से समर्थन करने समेत चार सूत्री कार्ययोजना का प्रस्ताव रखा।

अफगानिस्तान के हिंदू और सिख समुदाय के नेता निदान सिंह सचदेवा का 22 जून 2020 को पक्तिया प्रांत के चामकनी जिले से अपहरण कर लिया गया था, उन्हें 18 जुलाई को अफगान सुरक्षा बलों ने छुड़ाया।

अजीजी ने कहा, "बड़े पैमाने पर हुए इस विस्फोट के कारण कई इमारतों और प्रांतीय नगर पालिका कार्यालय को नुकासान हुआ है। हमले में ज्यादातर नगर पालिका के कमचारी घायल हैं, जिनमें चार की हालत नाजुक है। हमले के घंटों बाद तालिबान आतंकवादियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारेक एरियन ने तालिबान को इस घातक बम धमाके का दोषी करार दिया है। इस मामले में अभी तक तालिबान संगठन ने कुछ नहीं कहा है जोकि शिबर्घान के साथ जावजन प्रांत के कुछ हिस्सों में सक्रिय है।

अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक एरियन ने कहा कि काबुल की एक मस्जिद में बम विस्फोट होने के कारण चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि कुछ अन्य घायल हो गए हैं।

एरियन ने पुष्टि की कि मस्जिद के मौलवी मुल्ला मोहम्मद अयाज नियाजी हमले में मारे गए दो लोगों में से एक थे। मध्य काबुल में हुए इस विस्फोट की जिम्मेदारी किसी भी समूह ने नहीं ली है, जो शहर के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है।

हक्कानी नेटवर्क (एचक्यूएन) पश्चिम में एक और 9/11 जैसे आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए प्रतिबंधित इस्लामिक आतंकवादी समूह अल-कायदा की मदद कर रहा है।