अभिनंदन

भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन आज वाघा बार्डर के जरिए भारत आएंगे। चूंकि ये बार्डर पंजाब के अमृतसर के पास स्थित है। इस बाबत पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीएम मोदी से गुजारिश की है कि उन्हें अभिनंदन का स्वागत करने दिया जाए।

अभिनंदन ही नहीं जिन्होंने इस खतरनाक मंजर का सामना किया है। जी हां, कम्बम्पति नचिकेता को तो आप जानते ही होंगे। जो 1999 के करगिल युद्ध के दौरान 8 दिन तक पाकिस्तानी फौज की कैद में रहे थे।

भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तान में बहादुरी और साहस का परिचय दिया। पाकिस्तान सेना के कब्ज़े में रहकर भी जाबाज ने देश के खिलाफ कुछ नहीं बताया। हालांकि अब भारत आने पर कुछ समय तक अभिनंदन को कठिन सवालों से जूझना पड़ेगा। चूंकि भारतीय कानून के मुताबिक, युद्ध कैदी रहे किसी भी जवान के साथ जैसा बर्ताव किया जाता है, वही अभिनंदन के साथ भी किया जाएगा।

विंग कमांडर अभिनंदन वापस आएंगे और जल्द ही कॉकपिट को लौटेंगे।' यह कहना है कम्बम्पति नचिकेता का जो 1999 के करगिल युद्ध के दौरान 8 दिन तक पाकिस्तानी फौज की कैद में रहे थे।

दरअसल इंडियन एयर फोर्स के जांबाज पायलट अभिनंदन वर्थमान को पाक के पीएम इमरान खान ने रिहा करने का ऐलान किया। जिसके बाद सिद्धू ने पहले इमरान की तारीफ में ट्वीट किया। इसके बाद उन्होंने दो पेजों की शांति अपील जारी की।

भारतीय पायलट अभिनंदन की वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया है। चूंकि पाकिस्तानी सेना मीडिया के सामने ये स्वीकार भी कर चुकी है कि भारतीय वायु सेना का एक पायलट उसके कब्जे में है। ये ही वजह है कि जिनेवा युद्ध बंदी एक्ट के तहत पाकिस्तान हमारे पायलट को गुरुवार को रिहा करने जा रहा है।