अमरनाथ यात्रा

कोरोना से बचाव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा ड्यूटी पर तैनात होने वाले डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों के लिये दवाओं, पीपीई किट, मास्क, स्लीपिंग बैग और उपभोग की दूसरी वस्तुओं के पर्याप्त इंतजाम किये जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में इस साल की अमरनाथ यात्रा 21 जुलाई से शुरू होकर 3 अगस्त को तक चलेगी। यह 15 दिनों की अवधि की होगी।

बाबा बर्फानी की पहली तस्वीरें सामने आई हैं। तस्वीरों में अमरनाथ गुफा और उसके ठीक पहले का इलाका नजर आ रहा है। चारों ओर बर्फ है और गुफा के भीतर बर्फ का शिवलिंग पूरा बन चुका है।

बोर्ड ने इस साल की अमरनाथ की यात्रा में जाने वाले सभी तीर्थ यात्रियों के लिए उनके राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा नामित डॉक्टरों या अस्पतालों द्वारा जारी किए गए निर्धारित अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र को यात्रा के लिए ज़रूरी बताया है।

जम्मू-कश्मीर में अब कारगिल में सरकारी अधिकारियों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि अधिकारी ऑफिस ना छोड़ें और साथ ही अपने फोन को स्वीच ऑफ ना करने के भी आदेश दिया गया है।

इस एडवाइजरी के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ऐतराज जताया है। उन्‍होंने कहा है कि इससे डर का माहौल बना है।

उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा को बीच में रोकने को अन्य मुद्दों के साथ जोड़कर 'बेवजह का डर' पैदा किया जा रहा है। राज्यपाल ने राजनीतिक नेताओं से अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और 'अफवाहों' पर भरोसा ना करने की बात कही है।

संभावित खतरे और स्नाइपर राइफल की बरामदगी के बाद बीच में ही रोकी गई अमरनाथ यात्रा

जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने यात्रा को फिलहाल रोक दिया है और यात्रियों को वापस जाने की हिदायत दी गई है।

पुलिस ने कहा कि जम्म-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवरोध होने के कारण भगवती नगर यात्री निवास से बुधवार को किसी श्रद्धालु को यात्रा के लिए अनुमति नहीं दी गई।