अमरनाथ यात्रा

संभावित खतरे और स्नाइपर राइफल की बरामदगी के बाद बीच में ही रोकी गई अमरनाथ यात्रा

जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने यात्रा को फिलहाल रोक दिया है और यात्रियों को वापस जाने की हिदायत दी गई है।

पुलिस ने कहा कि जम्म-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवरोध होने के कारण भगवती नगर यात्री निवास से बुधवार को किसी श्रद्धालु को यात्रा के लिए अनुमति नहीं दी गई।

जम्मू से मंगलवार को 1,175 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। पिछले 29 दिनों में 3.20 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विद्यार्थियों के लिए दिलचस्प प्रतियोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्विज कॉम्पीटिशन के जरिए सबसे ज्यादा नंबर पाने वाले बच्चों को 7 सितंबर को श्रीहरिकोटा ले जाया जाएगा और चंद्रयान 2 की लैडिंग देखने का मौका मिलेगा।

श्रद्धालुओं के अनुसार, कश्मीर में समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित अमरनाथ गुफा में बर्फ की विशाल संरचना बनती है जो भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों की प्रतीक है।

अब तक तीर्थयात्रा पर आए 26 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा दो स्वंयसेवियों और सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हो चुकी है। इस साल एक जुलाई को शुरू हुई 45 दिवसीय अमरनाथ यात्रा का समापन 15 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा उत्सव के साथ होगा। 

मौसम विभाग ने कहा कि जम्मू क्षेत्र में 29 जुलाई तक मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई है। अधिकारियों ने कहा, "कल (गुरुवार) 7,021 यात्रियों ने पवित्र शिवलिंग के दर्शन किए। एक जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 3,08,839 यात्री पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं।"

तीर्थयात्री पवित्र गुफा तक जाने के लिए या तो अपेक्षाकृत छोटे 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से जाते हैं या 45 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से जाते हैं। बालटाल मार्ग से लौटने वाले श्रद्धालु दर्शन करने वाले दिन ही आधार शिविर लौट आते हैं।

श्रद्धालुओं के अनुसार, अमरनाथ गुफा में बर्फ की विशाल संरचना बनती है जो भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों की प्रतीक है। तीर्थयात्री पवित्र गुफा तक जाने के लिए या तो अपेक्षाकृत छोटे 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से जाते हैं या 45 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से जाते हैं।