अमावस्या

अमावस्या हर माह आती है। यही बताने कि तमस् भी संसार सत्य का अंग है। रात्रि को प्रकाशहीन कहा जाता है पर ऐसा है नहीं। रात्रि में चन्द्रप्रकाश होता है। क्रमशः घटता बढ़ता हुआ। अमावस्या अंधकार से परिपूर्ण रात्रि है।

ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने बताया कि शनि जिन्हें कर्मफलदाता माना जाता है। दंडाधिकारी कहा जाता है, न्यायप्रिय माना जाता है।