अमेरिका चीन

US Strong Message to China: बाइडेन (Joe Biden) ने अपने कड़े संदेश में कहा है कि चीन द्वारा पेश की जाने वाली चुनौतियों का अमेरिका(America) सीधे तौर पर सामना करेगा, लेकिन अगर बीजिंग के साथ मिलकर काम करना देशहित में होगा तो वो इससे भी नहीं कतराएगा।

Donald Trump: अमेरिका(America) ने अपने इस कदम में चीन(China) को सख्त संदेश देने की कोशिश की है। बता दें ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दिनों में उठाए गए इस कदम से चीन को बड़ा झटका लगा है।

China-India : भारत(India) के साथ रिश्तों को और मजबूत करने के लिए रेनॉल्ड्स ने कहा कि हाल ही में हिंद महासागर(Hind Mahasagar) में किए गए नौसेना(Navy) के संयुक्त अभ्यास व्यापक रणनीतिक भागीदारी के रूप में दोनों देशों के मजबूत संबंधों को दर्शाते हैं।

प्रवक्ता मॉर्गन ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump) ने स्पष्ट कहा है कि इस तरह अमेरिका(America) हॉन्गकॉन्ग को एक देश, एक सिस्टम के तौर पर स्वीकार करेगा और हर उस शख्स के खिलाफ एक्शन लेगा, जिसने हॉन्गकॉन्ग के लोगों की आजादी को कुचला है।'

फायनेंसियल टाइम्स ने कहा है कि कांग्रेस चाहती थी कि पेंटागन यह सूची 1999 में ही जारी करे, लेकिन अधिकारियों ने इस अनुरोध पर अमल नहीं किया। इस प्रयास में तेजी तब आई, जब सांसदों ने बीजिंग के साथ बढ़े तनाव पर प्रतिक्रिया करनी शुरू की।

आपको बता दें कि चीन की हरकतों पर गुस्साए ट्रंप इससे पहले भी कह चुके हैं कि अगर चीन ने समझौते का सम्मान नहीं किया और कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर इसके प्रावधानों का पालन नहीं किया, तो वे इसे रद्द कर देंगे।