अयोध्या केस

चीफ जस्टिस एसए बोबडे के साथ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और संजीव खन्ना सुनवाई की। इस पीठ में अब जस्टिस संजीव खन्ना नया चेहरा थे।

अयोध्या फैसले के बाद परिस्थितियों को नियंत्रण में रखने और कानून-व्यवस्था को ठीक रखने को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने योगी सरकार की तारीफ की है। इस बाबत उनका 12 दिन पहले का एक पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। अजित डोभाल ने उत्तर प्रदेश सरकार को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि फैसले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जिस तरीके से पूरे मामले को देखा, वह काबिले तारीफ है। अपनी चिट्ठी में डोभाल ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की तारीफ की है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने वकील राजीव धवन को अयोध्या केस से हटाया

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होने से पहले अयोध्या मामले के संभावित फैसले के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।

अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के पहले संघ समरसता बनाये रखने की कोशिशें कर रहा है। वह समाज में समरसता बनाये रखने की तमाम कवायद कर रहा है । इसी सिलसिले में आज आरएसएस के प्रतिनिधियों ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट से कभी भी फैसला आ सकता है और अयोध्या में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की अधिक तैनाती हुई है। अयोध्या के विवादित जमीन को लेकर अदालत में काफी सालों से ये केस चल रहा था और अब लोगों को उम्मीद है इस पर फैसला आ जाएगा

संघ को राम मंदिर के पक्ष में जीत का पूरा भरोसा है। पर उसने अपने काडर के ज़रिए हिंदू समाज को नियंत्रित करने और संतुलन बनाए रखने की कोशिश भी शुरू कर दी है। आरएसएस ने इस बात का संदेश देना शुरू कर दिया है कि पक्ष में फैसला आने पर मस्जिदों के सामने प्रदर्शन या नारेबाजी ना करें ।

पीएम मोदी ने कहा कि हमें लोकल चीजें खरीदनी चाहिए। कोई चीज गांव में मिले तो तहसील जाने और तहसील में मिले तो जिले तक जाने की भी जरूरत नहीं है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि हम लोग स्थानीय चीजें खरीदें।

अयोध्या मामला में पक्षकारों ने मोल्डिंग ऑफ रिलीफ़ के तहत अपनी दलीलें पेश करनी शुरू कर दी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए तीन दिन का वक्त दिया था। दरअसल मोल्डिंग ऑफ रिलीफ फैसला पक्ष में ना आने की सूरत में एक सांत्वना की तरह होती है।

अयोध्या भूमि विवाद मामले में मुस्लिम पक्षकारों ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया। इस बयान ने सुलह की सारी संभावनाओं को खारिज कर दिया गया। यहां तक सुन्नी वक्फ बोर्ड के प्रस्ताव को मानने से भी इंकार कर दिया।