अयोध्या मामला

मंदिर, मस्जिद को लेकर अयोध्या में जहां कई दशकों तक विवाद चला, वहीं वहां से महज 50 किलोमीटर दूर गोंडा जिले का वजीरगंज सामाजिक सौहार्द और सहिष्णुता की मिसाल पेशकर रहा है। यहां हिन्दू-मुस्लिम एक दूसरे का सम्मान कर अपनी सहिष्णुता का परिचय देते हैं।

दिसंबर, 1992 में विवादित ढांचा विध्वंस करने के बाद से मुसलमानों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अछूत हो गई थी। समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इसका भरपूर लाभ उठाया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिमों ने फैसले को कुबूल कर लिया, दोनों ने गलबहियां भी कीं। इससे विपक्ष के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

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फरहान अख्तर, तापसी पन्नू और मधुर भंडारकर जैसे बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने शनिवार को अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और लोगों से इस निर्णय को स्वीकार करने और इसका मान रखने की अपील की।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह और चीफ सेक्रेट्री राजेंद्र तिवारी को तलब किया है। रंजन गोगोई दोनों अफसरों से आज दिन में मिलेंगे। माना जा रहा है कि अयोध्या पर संभावित फैसले से पहले की तैयारियों को लेकर यह मुलाकात हो सकती है।

अयोध्या में विशेष तौर पर ड्रोन से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या के चप्पे-चप्पे की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। यहां सुरक्षा को लेकर पहले से हाई अलर्ट है। जगह-जगह जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई घटना ना घटें। 

देश में मुसलमानों के प्रमुख संगठन जमीयत उलेमा ए हिन्द ने बुधवार को कहा कि राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर उच्चतम न्यायालय का फैसला उसे स्वीकार्य होगा। साथ ही संगठन ने मुस्लिमों से फैसले का सम्मान करने की अपील भी की।

जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मस्जिद को लेकर मुसलमानों का मामला पूरी तरह से ऐतिहासिक तथ्यों और इस साक्ष्य पर आधारित है कि बाबरी मस्जिद का निर्माण किसी मंदिर या किसी उपासना स्थल को तोड़कर नहीं कराया गया था।

अयोध्या विवाद के संभावित फैसले व कार्तिक मेले को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। इस सिलसिले में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने पुलिस लाइन के ग्राउंड में संयुक्त बैठक की।