अयोध्या

2019 चुनाव से पहले जहां अयोध्या को लेकर रोज नई हलचल हो रही है। चूंकि पिछले सप्ताह ही केंद्र सरकार ने गैर-विवादित जमीन वापस लौटाने के लिए अर्जी दी थी। अब इस अर्जी के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका डाली गई है। याचिकाकर्ता ने लैंड ऐक्विजिशन ऐक्ट की वैधता पर सवाल उठाया। केंद्र सरकार के कदम को कोर्ट में चुनौती दी गई है।

कुंभनगरी प्रयागराज में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक कार सेवा से राम मंदिर निर्माण नहीं होगा। दम है तो कारसेवा करो।

मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या की 67.7 एकड़ 'गैर-विवादित' उनके मालिकों को सौंपने की अर्जी लगा दी है। सरकार द्वारा अधिग्रहीत 63 भूमि में से 43 एकड़ जमीन विश्व हिंदू परिषद के राम जन्मभूमि न्यास की है।

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामला सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर से टल गया है। जिसके बाद से राजनीतिक बयानबाजी और  भी तेज हो गई है। अब केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी इस मुद्दे पर बड़ा बयान दे दिया है। रविशंकर प्रसाद का कहना है कि हर देशवासी चाहता है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए।

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