अयोध्या

अयोध्या विवाद में अब आतंकी गतिविधियों के आरोपी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने भी एंट्री ले ली है। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया उर्फ पीएफआई ने अयोध्या मामले में आज क्यूरेटिव याचिका दाखिल की है।

बैठक में मंदिर के मॉडल, डिजाइन, निर्माण की अवधि, लागत आदि के बारे में भी विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। गौरतलब है कि शुक्रवार को नृपेन्द्र मिश्रा ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की थी।

उत्तर प्रदेश के मुख्ययमंत्री योगी आदित्यानाथ रविवार को अयोध्या पहुंचे। वे राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे। उन्होंने अयोध्या में विकास की स्थितियों की समीक्षा की। योगी ने अयोध्या में मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का उद्घाटन भी किया।

अयोध्या मामले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने एक अहम फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड जमीन लेने के लिए तैयार हो गया है। उसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 5 एकड़ जमीन मिली है

अयोध्या में बनने जा रहे राम मंदिर के निर्माण की कोर टीम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो प्रमुख सिपहसालार शामिल होंगे। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में यूपी के  इन दो आईएएस अफसरों को शामिल किया जाना तय है।

राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली औपचारिक बैठक बुधवार को शाम 5 बजे दिल्ली में होगी। इसमें शामिल होने के लिए अयोध्या के तीनों ट्रस्टी महंत दिनेद्र दास, विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र और डॉ. अनिल मिश्र दिल्ली आ गए है। शंकराचार्य बासुदेवानन्द जी सरस्वती मंगलवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे।

राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए ट्रस्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पहली बैठक की जगह और तारीख तय हो गई है। यह बैठक 19 फरवरी को दिल्ली में होगी।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद और परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने पर वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिविजन-फास्‍ट ट्रैक कोर्ट) आशुतोष त्रिपाठी की कोर्ट में सोमवार को सुनवाई टल गई।

गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी की लोकसभा में घोषणा के बाद एक के बाद एक लगातार चार ट्वीट कर राम मंदिर तीर्थक्षेत्र के बारे में जानकारी दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को लोकसभा को जानकारी दी कि कैबिनेट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का प्रस्ताव पास किया है। उन्होंने बताया कि ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा।