अयोध्‍या विवाद

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झारखंड की चुनावी रैली में शुक्रवार को राम मंदिर बनाने के लिए हर घर से 11 रुपये और एक ईंट मांगी। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनना तय है। इस पुण्य काम के लिए झारखंड के हर घर से सहयोग चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मुद्दे पर आए निर्णय के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बहुत फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। संघ इस मुद्दे पर बहुत सावधानी से आगे बढ़ना चाहता है। इसी कारण इस बार छह दिसंबर को होने वाले शौर्य दिवस को आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरे चुनाव प्रचार ने उन्हें सीएम उम्मीदवार के रूप में प्रचारित किया, और किसी ने कभी इस पर सवाल नहीं उठाया। हमने लगभग 70% सीटें जीतीं, जिस पर हम लड़े, और शिवसेना ने 42% सीटों पर जीत हासिल की।

अयोध्या रामजन्मभूमि मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के आए फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा बाबरी मस्जिद ढांचा गिराए जाने वालों को सजा देने का सवाल उठाने पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि, विकृत मानसिकता को जवाब समाज स्वयं देगा।

अयोध्या पर फैसला आया तो यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुशी की सीमाएं नहीं रही। खुशी से दमकते हुए योगी ने तालियां बजाई। योगी के लिए यह फैसला बेहद भावुकता का क्षण था। वह इसे टीवी पर देख रहे थे। उनके साथ में विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता दिनेश जी बैठे हुए थे।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दोनों के चहेते विधायक और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भारतीय जत्थे के साथ पाकिस्तान जाने के बजाय पाकिस्तान के निमंत्रण पर अलग से वहां गए और इमरान खान की तारीफों के पुल बांधे।

अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स ने निर्णय की सराहना की है। शीर्ष न्यायालय ने केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने में ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है।

जिलानी ने यह प्रतिक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने फैसले में अयोध्या में विवादित भूमि हिंदुओं को देने और मस्जिद के लिए मुस्लिमों को अलग से पांच एकड़ भूमि देने के बाद दी है।

अयोध्या के राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई कर रहे संविधान पीठ के पांच जजों को अयोध्या मामले में मध्यस्थता कमेटी की रिपोर्ट सौंप दी गई है। यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई है। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस पर चर्चा भी की।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले के लिए गठित पांच जजों की पीठ मध्यस्थता कमेटी की रिपोर्ट पर आज गौर करेगी। इसमें सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा दावा वापस लेने का मसला भी शामिल होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसका तरीका भी स्पष्ट कर दिया है।