अरुण जेटली

बता दें कि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान 1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू किया गया था। इसका मकसद पूरे देश के टैक्स सिस्टम में एकरूपता लाना है। इससे पहले तक प्रत्येक राज्य में अलग-अलग टैक्स स्लैब लागू था। अब पूरे देश में चार टैक्स स्लैब ही लागू हैं।

साल 2019 में एनडीए गठबंधन को फिर से केंद्र की सत्ता मिल गई लेकिन भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को खोने का दुःख भी इस साल पार्टी के हिस्से में आया।

वर्ष 1952 में स्थापित राज्यसभा का सोमवार से ऐतिहासिक 250वां सत्र शुरू हुआ। इस दौरान मुखर वक्ता अरुण जेटली और वयोवृद्ध सदस्य राम जेठमलानी की कमी सत्ता पक्ष को ही नहीं, वल्कि विपक्ष को भी खल रही है, ऐसा देखने को मिला है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सुधांशु त्रिवेदी को हाल ही में जब उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का टिकट थमाया तो सत्ता के गलियारे में चर्चा चल निकली कि पार्टी में राष्ट्रीय प्रवक्ता का पद बैकडोर से सफलता पाने की सीढ़ी साबित हो रहा है।

जिसमें उनका कहना है कि भाजपा नेता को मिलने वाली पेंशन उन कर्मचारियों को दान कर दी जाए जिनकी तनख्वाह कम है। परिवार को पेंशन के तौर पर लगभग तीन लाख रुपये मिलते।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली और देश के प्रख्यात वकीलों में से एक रहे राम जेठमलानी के निधन के बाद उत्तर प्रदेश औऱ बिहार में खाली हुई राज्यसभा की दो सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अरुण जेटली वनलाइनर के लिए जाने जाते थे। वे अपनी बातें वनलाइनर के जरिए कह देते थे, जिसका बड़ा प्रभाव होता था। आज अपने से कम उम्र के दोस्त को श्रद्धांजलि देना पड़ रहा है।

जेटली के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए सीएम ने इसे व्यक्तिगत क्षति बताया था। इसके बाद उन्होंने राज्य में दो दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि जेटली से उनके व्यक्तिगत संबंध थे।

मुमताज भल्ला ने अरुण जेटली के निधन के बाद उनको याद करते हुए लिखा कि शब्द किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व के साथ न्याय नहीं कर सकते हैं।

अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देते हुए दिल्ली एंव जिला क्रिकेट संघ(डीडीसीए) ने ये बड़ा फैसला लिया है।अब फिरोजशाह कोटला स्टेडियम अरुण जेटली स्टेडियम के नाम से पहचाना जाएगा।