अरूण जेटली

भारतीय राजनीति में इस साल कुछ घटनाएं ऐसी हुईं, जिनका जब भी जिक्र होगा तो 2019 की याद हमेशा आएगी। 2020 का स्वागत करने के साथ ही इन घटनाओं को भी याद करना जरूरी होगा। साल 2019 में एनडीए गठबंधन को फिर से केंद्र की सत्ता मिल गई लेकिन भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को खोने का दुःख भी इस साल पार्टी के हिस्से में आया। पार्टी को इससे बड़ा झटका लगा।

बतौर राज्यसभा सांसद उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधत्व करने वाले अरुण जेटली ने जिला प्रशासन को पत्र में लिखा कि सांसद लोकल एरिया डिवेलपमेंट (MPLAD) से रायबरेली में 200 सौर ऊर्जा वाली हाई मास्ट लाइट लगाई जाए।

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्रालय का भार संभालने वाले नेता और भाजपा के एक मजबूत स्तंभ के रुप में जाने वाले नेता अरुण जेटली का अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर किया गया।

गन कैरिज से पूर्व रक्षा मंत्री अरुण जेटली के शव को पार्टी दफ्तर ले जाया जाएगा। प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और राष्ट्रपति को प्रिविलेज होता है कि उन्हें गन कैरिज से ले जाया जाता है।

अपने शोक संदेश में सोनिया गांधी ने कहा, 'मुझे आपके पति अरुण जेटली जी के असामयिक निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ है। जेटली जी वह व्यक्ति थे जिनके दलगत राजनीति से इतर जीवन के हर तबके में मित्र और चाहने वाले थे।'

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का पार्थिव शरीर एम्स से उनके कैलाश कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंच गया है। कल 10 बजे तक उनके पार्थिव शरीर को घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

बीते 6 अगस्त को उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि पीएम मोदी और अमित शाह ने कश्मीर में असंभव को संभव कर दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर एक ब्लॉग भी लिखा। अरुण जेटली का कश्मीर से रिश्ता भी था।

उनके निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई से फोनकर जेटली के परिवार वालों से बात की। पीएम मोदी ने अरुण जेटली की पत्नी और उनके बेटे से बात की और संवेदना जाहिर की है।

नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। सुबह 11 बजे अरुण जेटली को चेकअप के लिए एम्स में भर्ती कराया गया।