अशोक गहलोत

जिस तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया के संबंध लगातार बिगड़ रहे थे ठीक वैसे ही संबंध सचिन पायलट का भी राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ देखने को मिलता रहता है।

सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट खुद सिंधिया के स्टैंड से सहानुभूति रखते हैं। उनका मानना है कि सिंधिया के साथ मध्य प्रदेश में वहीं अन्याय हुआ है जो उनके साथ राजस्थान में हुआ है। सिंधिया के इस्तीफे के बाद बीजेपी की ओर से उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार भी बना दिया गया।

गहलोत ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ये भी कहा कि सरकार हर बजट में बड़ी घोषणाएं कर रही है लेकिन हर बार उन घोषणाओं पर अमल नहीं हो पाता है इस बजट की बड़ी घोषणा को लेकर भी यही हालत होने वाली है।

इससे पहले गहलोत ने प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सचिन पायलट पर निशाना साधा था। सचिन पायलट ने कोटा जाकर शिशुओं के परिवारों से मुलाकात की थी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोटा में बच्चों की मौत पर फिर से विवादास्पद बयान दे दिया है। इस बार उन्होंने बीजेपी के दौर से इसकी तुलना की है और अपनी पीठ ठोंकी है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में भी बच्चों की मौत को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जोधपुर के सरकारी अस्पतालों में दिसंबर महीने में ही 146 बच्चे की मौत हुई है।

राजस्थान के कोटा में मासूमों की मौत की बढ़ती संख्या ने कांग्रेस आलाकमान के होश फाख्ता कर दिए हैं।राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के रवैये ने भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

राजस्थान के कोटा के सरकारी अस्पताल में 100 से अधिक बच्चों की मौत पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि इस घटना से पता चलता है कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रही है।

राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले पर गुरुवार को अपने बयान में कहा था कि, नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में जो माहौल बना हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है।