आईएसआई

सीमा पार करतारपुर गलियारे (कॉरिडोर) के बहुप्रतीक्षित उद्घाटन से दो दिन पहले भारत ने पाकिस्तान द्वारा जारी किए गए गलियारे के आधिकारिक प्रचार वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरावाले सहित तीन सिख अलगाववादी नेताओं की मौजूदगी पर चिंता व्यक्त की है

करतारपुर कॉरिडोर के उद्धाटन से पहले पाकिस्तान की सरकार ने एक वीडियो सॉन्ग रिलीज किया है, जिसमें खालिस्तानी अलगाववादी जरनैल सिंह भिंडरावाले व कई अन्य नेताओं की तस्वीरों के साथ कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी नजर आ रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि आईएसआई पाकिस्तान के लिए खुफियागीरी करते हुए भाजपा के नेताओं को एनएसए में गिरफ्तार कर सख्त सजा मिलनी चाहिए।

दरअसल बीते दिनों में जिस तरह से गृह मंत्रालय ने आतंक और अलगाववादियों पर लगाम कसने की सख्त नीति अपनाई है, खासकर अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद जो सख्ती आई उससे पाकिस्तान में बौखलाहट आ गई है।

उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में उन्होंने सीमा पार के अपने संचालकों से संपर्क में होने की बात स्वीकार की है। पिछले कुछ समय से आतंकवादियों के राडार पर आए रत्नुचक सैन्य स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारतीय सैन्‍य अधिकारियों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपनाती रहती है। जिनमें सबसे ज्यादा पॉपुलर है हनी ट्रैप। मध्‍य प्रदेश में एक मामला सामना आया है जिसमें आईएसआई ने पूर्वोत्‍तर में तैनात एक बड़े सैन्‍य अधिकारी को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश की।

आतंकवाद पर बेनकाब हो चुका पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा महकमे में एक रिपोर्ट दी है, जिसके मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई रूस में मौजूद कुछ स्थानीय निवासियों की मदद से कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत विरोधी गतिविधियों को फैलाने में जुटी है।

चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल करते हुए भले ही जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी सरगना मसूद अजहर को बचा लिया है, लेकिन एक बड़ा खुलासा हुआ है कि चीन के महत्वाकांक्षी चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) में पाकिस्तान चीन को धोखा देते हुए चुपके से लश्कर के आतंकियों को इस प्रोजेक्ट में नौकरी दिला रहा है।

ब्रिटेन में रह रहे भारतीयों पर शनिवार को लंदन में भारतीय उच्‍चायोग के बाहर खालिस्‍तानी समर्थकों ने हमला कर दिया। माना जा रहा हा कि यह हमला पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने कराया है।

पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जंजुआ ने पी-5 राष्ट्रों के राजदूतों से मुलाकात कर जम्मू एवं कश्मीर में अर्धसैनिक बल के दस्ते पर आतंकवादी हमले में इस्लामाबाद की भूमिका के भारत के आरोपों को खारिज कर दिया।