आतंकवाद

संयुक्त राष्ट्र में पकिस्तान की कश्मीर मुद्दे को भुनाने कोशिश एक बार फिर फेल हो गई है। पाकिस्तान खुद ही आतंकवाद और टेरर फंडिंग के मुद्दे पर घिरता नजर आ रहा है।

जम्मू-कश्मीर की नयी अधिवासन नीति वस्तुतः जम्मू-कश्मीर के नव-निर्माण का दस्तावेज है। यह नीति जम्मू-कश्मीर की महत्वाकांक्षी निर्माण परियोजना में अपना श्रम, कौशल, प्रतिभा और पूँजी लगाने वाले भारतीयों का स्वागत-द्वार है।

भारत पर हमला या बदनाम करने की किसी भी साजिश से पाक पीछे नहीं हटना चाहता है। यह अलग बात है कि उसकी कई कोशिशों के बाद भी पाकिस्तान को हर बार मुंह की खानी पड़ती है। ऐसा ही कुछ इस बार भी हुआ। दरअसल,आतंकवाद को समर्थन देने के मुद्दे पर पाकिस्‍तान भारत को भी फंसाने की योजना में था। जिसको अमेरिका ने विफल कर दिया है।

दिल्ली में एक बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी थी। इसी तैयारी के तहत सीएए के विरोधियों को भड़का कर उन्हें आतंकवाद की राह पर ले जाने का कुचक्र रचा गया था।

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय आतंकवाद की एक नई लहर का सामना कर रहा है। यह अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के उद्देश्य और सिद्धांत और अन्य अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंडों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय सहयोग करना चाहिए, ताकि समान रूप से आतंकवाद का खात्मा किया जा सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति बोले कि हमारे देश इस्लामिक आतंकवाद का शिकार रहे हैं, जिसके खिलाफ हमने लड़ाई लड़ी है। अमेरिका ने अपने एक्शन में ISIS को खत्म किया और अल बगदादी का खात्मा किया।

रायसीना डायलॉग के तीसरे दिन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत ने दिल्ली में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने आतंक के खात्मे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए हमें वैसा ही रवैया अपनाना चाहिए जैसा की अमेरिका ने 9/11 के बाद किया था।

तुर्की ने देश के पूर्वी हिस्से में बड़े पैमाने पर आतंकवाद रोधी अभियान शुरू किया है। तुर्की के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने संयुक्त राष्ट्र और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के बीच आतंकवाद-रोधी साझेदारी की सराहना की है। शांति, सुरक्षा और स्थिरता पर यूएन-एससीओ सहयोग पर आयोजित एक कार्यक्रम में मंगलवार को गुटेरस ने एससीओ को क्षेत्रीय कूटनीति, बहुराष्ट्रवाद और यूरेशिया में सबसे ज्यादा जरूरी शांति और सुरक्षा मुद्दों के संबंध में सहयोग बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाला बताते हुए उसकी प्रशंसा की।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आतंकवाद पर अपनी सालाना रिपोर्ट में यह बात कही है कि वहां अब भी आतंकियों की भर्ती हो रही है और वे फंडिंग जुटा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों पर रोक लगाने में असफल रहा है।