आदित्य एल-1 यान

धरती और सूरज के बीच 5 लैंग्रेंजियन प्वॉइंट हैं। इनमें से पहले प्वॉइंट पर आदित्य एल-1 यान को इसरो स्थापित करेगा। लैंग्रेंजियन प्वॉइंट वो जगह हैं, जहां धरती और सूरज के गुरुत्वाकर्षण बल मिलते हैं। इस तरह आदित्य एल-1 यान वहां एक जगह स्थिर रहेगा और सूरज का अध्ययन करता रहेगा।

आदित्य एल-1 को इसरो के वैज्ञानिक जिस लैग्रेंजियन प्वॉइंट 1 पर स्थापित करेंगे, उसकी धरती से दूरी करीब 15 लाख किलोमीटर है। धरती के चारों तरफ 5 लैग्रेंजियन प्वॉइंट हैं। इन लैग्रेंजियन प्वॉइंट पर धरती और सूरज के गुरुत्वाकर्षण बल मिलते हैं। जिसकी वजह से कोई भी यान यहां लंबे वक्त तक टिका रहता है।

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