आयात

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते भारत से चीन को रूई और धागे का निर्यात ठप पड़ गया है और कपड़ा उद्योग में इस्तेमाल होने वाला रासायनिक पदार्थ व एसेसरीज आइटम का आयात नहीं हो रहा है, जिससे घरेलू कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है।

दुनिया में दाल का सबसे बड़ा उत्पादक होने के बावजूद भारत को अपनी जरूरतों के लिए दाल का आयात करना पड़ता है।

स्वदेशी हथियार निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार ने बड़े पैमाने पर स्वदेशी तकनीकी से बने हथियारों की खरीद को मंजूरी दी है।

इस साल की शुरुआत में घरेलू इक्विटी और डेब्ट बाजार में डॉलर की आमद बढ़ने के कारण रुपये में जबरदस्त मजबूती रही, लेकिन अब विपरीत स्थिति पैदा हो गई है।

पाकिस्तान से भारत का आयात इस वर्ष मार्च में घट कर 28.4 करोड़ डालर के बराबर रहा जबकि मार्च 2018 में यह आंकड़ा 3.5 करोड़ डालर था।

मई में तेल का आयात कुल 12.44 अरब डॉलर का रहा, जोकि डॉलर के संदर्भ में 2018 के मई की तुलना में 8.23 फीसदी अधिक है। पिछले साल मई में कुल 11.50 अरब डॉलर के तेल का आयात किया गया था।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कॉटन के भाव में इस साल आई भारी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार जंग है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा कॉटन निर्यातक है जबकि चीन कॉटन का एक बड़ा आयात देश है। दुनिया में सबसे ज्यादा कॉटन की खपत चीन में होती है।

मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में कुल आयात 507.44 अरब डॉलर रहा जबकि उसके पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में आयात 465.58 अरब डॉलर था।

अमेरिकी प्रतिबंध का सामना कर रहे वेनेजुएला ने अभी हो रहे तेल आयात के बारे में भारत के सामने प्रस्ताव रखा है कि उसे इसका पेमेंट रुपये में किया जाए। भारत इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।