आरएसएस

शेहला रशीद इससे पहले भी नरेंद्र मोदी सरकार को लेकर कई बार आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुकी हैं। वहीं सेना के खिलाफ किए गए उनके ट्वीट की वजह से भी उनपर मामला दर्ज हो चुका है।

संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर जनसामान्य में भ्रम की स्थिति है। इस भ्रम को दूर करना केंद्र सरकार और भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अब इस भ्रम को खत्म करने के लिए आगे आया है

सीएए के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कई हिस्सों में हुए हिंसक प्रदर्शनों में कई लोगों की जान जा चुकी है।

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि संपूर्ण समाज हमारा है और समाज को एकजुट करना संघ का लक्ष्य है। संघ प्रमुख ने कहा कि आरएसएस सभी को स्वीकार करता है, उनके बारे में अच्छा सोचता है और उनकी बेहतरी के लिए उच्च स्तर पर ले जाना चाहता है।

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के कई हिस्सों में जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तमाम संगठन लगातार विधेयक के समर्थन में भी प्रदर्शन कर रहे हैं।

संघ का मानना है कि सिटीजन अमेंडमेंट बिल का समर्थन बीजेपी विरोधी दल भी करेंगे और ये आसानी से संसद के दोनों में पास हो जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मुद्दे पर आए निर्णय के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बहुत फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। संघ इस मुद्दे पर बहुत सावधानी से आगे बढ़ना चाहता है। इसी कारण इस बार छह दिसंबर को होने वाले शौर्य दिवस को आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने के लिए एक पुलिस उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

संघ परिवार पर 43 किताबें लिख चुके नागपुर के संघ विचारक दिलीप देवधर ने महाराष्ट्र के पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए दावा किया है कि महाराष्ट्र में शनिवार को भाजपा की सरकार गठन में शरद पवार की भी मौन सहमति है।

बीएचयू में विवि प्रशासन की ओर से धरना खत्म होने के दावे को झुठलाते हुए छात्रों ने प्रदर्शन के 16वें दिन शुक्रवार को अपना धरना जारी रखा।।