आरबीआई

आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास ने सातवें SBI बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रजनीश कुमार के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए चर्चा की। जहां उन्होंने कहा कि कोरोना पिछले 100 साल का सबसे बड़ा आर्थिक संकट है।

केंद्र सरकार शहरी और बहु-राज्यीय सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक की सीधी निगरानी में ले आई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बैकिंग नियम (संशोधन) अध्यादेश, 2020 को मंजूरी दे दी है, जिसके साथ ही अब सहकारी बैंक आरबीआई की निगरानी में होंगे।

मोदी कैबिनेट में हुई बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए प्रकाश जावड़ेकर बताया कि 1482 शहरी सहकारी बैंकों और 58 बहु-राज्य सहकारी बैंकों सहित सरकारी बैंकों को अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सुपर विजन के तहत लाया जा रहा है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों में शासन संबंधित एक चर्चा पत्र तैयार किया है, जिसमें उसने किसी बैंक प्रमोटर के लिए सीईओ या पूर्णकालिक निदेशक के पद पर रहने की समय सीमा का प्रस्ताव किया है।

लॉकडाउन में यह दूसरी बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट पर कैंची चलाई है। इससे पहले 27 मार्च को आरबीआई गवर्नर ने 0.75 फीसदी कटौती का ऐलान किया था।

दरअसल 50 हजार करोड़ रुपये के ऐलान के जरिए आरबीआई यह संकेत देना चाहती है कि आप घबराएं नहीं। सरकार, आरबीआई और बाकी संस्थाएं सभी सेक्टर को लेकर चिंतित हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने आरबीआई की घोषणा स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम प्रधानमंत्री के नजरिये से उठाया गया है।

नई दिल्ली। कोरोनावायरस से छिड़ी जंग को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन है, इसको लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया(RBI) की...

जानकारी के मुताबिक वर्तमान प्रशासक प्रशांत कुमार को नवगठित बोर्ड का मैनेजिंग डायरेक्टर और सीइओ नियुक्त किया गया है। सरकार की ओर से जारी गजट अधिसूचना में कहा गया है कि यस बैंक रिकंस्ट्रक्शन स्कीम 2020 इस महीने की 13 तारीख से प्रभावी होगी।

आरबीआई की तरफ से यस बैंक के लिए री-स्‍ट्रक्‍चरिंग प्‍लान की भी घोषणा कर दी गई है। हालांकि इस बैंक पर आरबीआई की पाबंदी के बाद अब खाताधारकों में डर का माहौल है।