आरसीपी सिंह

RCP Singh Joins BJP: भाजपा में शामिल होने के बाद आरसीपी सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला भी बोला। उन्होंने कहा, ''नीतीश कुमार बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। उन्हें जरा सोचना चाहिए कि देश कहां से कहां चला गया और बिहार कहां हैं। उन्हें 'C' शब्द से बड़ा प्यार है, सी से चेयर होता है इसलिए कुर्सी के मोह में सारा काम कर रहे हैं।''

सुशील कुमार मोदी के ट्वीट्स में जेडीयू के नेता अशोक चौधरी, विजय कुमार चौधरी, उमेश सिंह कुशवाहा दिख रहे हैं। वे आरसीपी सिंह को केंद्र में मंत्री बनाए जाने पर बधाई दे रहे हैं। इसके अलावा एक ट्वीट में जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की फोटो हैं।

बिहार विधानसभा में सियासी गणित की बात करें तो यहां 243 विधायक हैं। बहुमत का आंकड़ा ऐसे में 122 होता है। विधानसभा में 79 विधायकों के साथ आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी है। इसके बाद बीजेपी के 77, जेडीयू के 45, कांग्रेस के 19, कम्युनिस्ट पार्टी के 12, एआईएमआईएम के 1, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा यानी हम के 4 और अन्य विधायक हैं।

Bihar: आरसीपी सिंह के जदयू से हाथ छोड़ने के बाद से ही राज्य की सियासत में बवंडर उठा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, अगले दो दिनों में राज्य में 4 महत्वपूर्ण दलों के विधायकों की बैठकें होंगी। इनमें तेजस्वी यादव की पार्टी राजद, नीतीश कुमार की जदयू और जीतन राम मांझी की हम जैसी प्रमुख पार्टियां शामिल हैं। अब देखना होगा कि राज्य में मचा ये बवाल कब शांत होता है। 

आरसीपी सिंह एक वक्त नीतीश कुमार के खास हुआ करते थे। नीतीश ने उन्हें राज्यसभा भी भेजा था। बीते दिनों आरसीपी को मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया था। इसके बाद से ही नीतीश के साथ उनकी खटपट की खबरें आने लगी थीं। दो दिन पहले जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने आरसीपी को पत्र भेजकर उनके परिजनों के नाम अकूत संपत्ति पर जवाब मांगा था।

जेडीयू से आरसीपी सिंह की विदाई के बाद बिहार की सियासत गर्माई हुई है। एक बार फिर जेडीयू और बीजेपी के बीच सबकुछ ठीक नहीं लग रहा है। कयास ‘खेला होबे’ के लग रहे हैं। रविवार रात आई कुछ खबरों ने इस कयास को बल भी दिया है। इन खबरों में कांग्रेस की एंट्री से कयास और तेज हुए हैं।

आरसीपी के खिलाफ दो लोगों ने जेडीयू को चिट्ठी भेजकर उनके जमीन सौदों की जांच कराने की मांग की थी। इस पर पार्टी ने आरसीपी सिंह से जवाब मांगा था। पार्टी की ओर से जवाब मांगे जाने से भड़के आरसीपी ने शनिवार शाम को पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नीतीश कुमार पर तमाम आरोप भी लगाए थे।

Bihar Politics: मिली जानकारी के मुताबिक, नालंदा के दो व्यक्तियों की तरफ से आरसीपी सिंह पर आरोप लगाते हुए पार्टी से शिकायत की है कि साल 2013 से अब तक उन्होंने अकूत संपति बनाई गई है। इस संपत्ति में जमीन दान में लेने, हलफनामे में जिक्र नहीं करने और पार्टी से इस बात को छिपाए रखने का आरोप लगा है।

आरसीपी ने जातिगत जनगणना के मसले पर भी नीतीश कुमार के स्टैंड के उलट बात कही। ऐसे में माना जा रहा है कि उनके जरिए बिहार में बीजेपी आगे चलकर बड़ा खेल कर सकती है। आरसीपी ने नीतीश के पीएम बनने के बारे में कहा कि पीएम के लिए लोकसभा में कम से कम 273 सीट चाहिए।

JD(U): जनता दल यूनाइटेड (JD (U)) को नीतीश की जगह अब नया नेतृत्व मिल गया है। पार्टी ने बैठक में सर्वसम्मति से आरसीपी सिंह (RCP Singh) को पार्टी का अध्यक्ष चुना है। पार्टी का बिहार चुनाव में जो हाल रहा है इसके बाद पार्टी की तरफ से यह पहला मौका होगा जब नीतीश के नेतृत्व के अलावा पार्टी ने किसी और नेता के नेतृत्व के लिए हामी भरी हो।


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