आरोग्य सेतु एप

कोरोनावायरस (Coronavirus) संक्रमण के कारण लंबे समय से बंद स्कूलों (Schools) को अब खोला जाएगा। बता दें कि गृहमंत्रालय के अनलॉक 4.0 दिशा निर्देशों के अनुसार, छात्रों को 20 सितंबर तक स्कूल जाने की अनुमति नहीं है।

यूपी ने प्रतिदिन 1.15 लाख कोविड ​टेस्टिंग की क्षमता हासिल कर ली है। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री योगी ने इस बाबत अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के लक्षणरहित संक्रमित लोग बीमारी को छुपा रहे हैं, जिससे संक्रमण बढ़ सकता है। इसलिये राज्य सरकार एक निर्धारित प्रोटोकॉल के अधीन शर्तों के साथ होम आइसोलेशन की अनुमति देगी।

ऑटोमोबाइल कंपनियां आरोग्य सेतु एप के साथ जुड़ी है। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने आरोग्य सेतु के साथ मिल कर अपने कर्मचारियों के लिए एक एप बनाया है। इससे कर्मचारियों के हेल्थ लॉग शीट को बनाने में मदद मिलती है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कोरोना वायरस ट्रैकिंग एप आरोग्य सेतु को लेकर सवाल उठाए और इसे सरकार की सोची-समझी निगरानी प्रणाली करार दिया।

कोरोना संक्रमण से जुड़ी जानकारी मुहैया कराने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने हाल ही में आरोग्य सेतु नाम का ऐप लॉन्च किया है।

प्रो कबड्डी लीग की टीम यु मुंबा ने लोगों से आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने की अपील की है। पीएम मोदी ने की प्रशंसा।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "यह अत्याधुनिक ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी, तकनीक, गणित के सवालों को हल करने के नियमों की प्रणाली अलगोरिथ्म और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करते हुए, दूसरों के साथ उनकी बातचीत के आधार पर इसकी गणना करेगा।"

आरोग्य सेतु एप को फ्री में गूगल प्ले-स्टोर और एपल के एप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकते हैं। इस एप में मोबाइल नंबर के साथ रजिस्टर करना होगा। इसके बाद यह एप आपकी लोकेशन के आधार पर कोरोना से खतरे के प्रति आगाह करेगा।

कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सरकार द्वारा बनाया गया 'आरोग्य सेतु' नामक मोबाइल एप मददगार हो सकता है, और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने खासतौर से छात्रों से यह एक डाउनलोड करने का आग्रह किया है।