इजरायल

Corona Testing Kit: भारत-इजरायल(India-Israel) के बीच इस संयुक्त अभियान को 'खुला आसमान'(Khula Aasman) नाम दिया है, जो सचमुच में अंतरराष्ट्रीय यात्रा और आर्थिक गतिविधियों के संदर्भ में आसमान खोल देगी क्योंकि इसका (त्वरित जांच प्रौद्योगिकी) इस्तेमाल हवाईअड्डों और अन्य स्थानों पर किया जा सकेगा

जाहिर सी बात है कि इजरायल(Israel) के साथ मुस्लिम देशों की बढ़ती नजदीकी के पीछे सीधे तौर पर अमेरिका का हाथ है। बहरीन और इजरायल के बीच जब समझौते पर हस्ताक्षर हुए तो वहां पर अमेरिका(America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump) मौजूद थे।

डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump) के लिए दो महीने के अंदर दूसरी डिप्लोमेटिक जीत है। इसे अमेरिका में होने राष्ट्रपति चुनाव से जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे उन्हें देश में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव(President Election) में इजराइल समर्थक इवांजेलिकल क्रिश्चन्स में अपनी पैठ बनाने में मदद मिलेगी।

दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत आज अपना 74वां स्वतंत्रता दिवस (India Independence Day) मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले (Red Fort) की प्राचीर से लगातार 7वीं बार ध्वजारोहण किया और राष्ट्र को संबोधित किया।

इस्राइल (Israel) और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच अमेरिका (America) की मध्यस्थता से हुए ऐतिहासिक शांति समझौते को लेकर तमाम मुस्लिम देशों में हलचल मची हुई है।

दोनों देश एक दूसरे देशों में अब अपना दूतावास भी खोलेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति(Donald Trump) द्वारा साझा किए गए संयुक्त बयान के अनुसार, इजरायल(Israel) के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और आबू धाबी(Abu Dhabi) के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जाएद दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने को लेकर राजी हो गए हैं।

देश में कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात को देखते हुए जल्‍द ही इस किट का निर्माण भारत में शुरू किया जाएगा। इस किट की टेक्‍नोलॉजी इजराइल की होगी और इसका निर्माण भारत में किया जाएगा।

इस ट्वीट में इजरायली दूतावास ने अपने ट्वीटर हैंडल से बधाई देते हुए लिखा है- हैप्पी फ्रेंडशिप डे 2020 इंडिया।

तैयार की जा रही किट को लेकर भारत में इजरायल के राजदूत रोन मलका ने कहा कि अगर जांच किट विकसित हो जाती है तो यह चंद सेकंड में रिपोर्ट दे देगी और यह कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्‍होंने कहा कि नोवेल कोरोनावायरस इसलिए खतरनाक है क्योंकि इसके कारण फेफड़ों में वसा का जमाव हो जाता है, जिसे दूर करने में फेनोफाइब्रेट मददगार है।