इटली

जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, दुनियाभर में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या 95 लाख हो गई है, जबकि इससे होने वाली मौतों की संख्या 488,000 से अधिक हो गई हैं।

दुनिया में स्वास्थ्य सुविधाओं में दूसरे नंबर पर माने जाने वाले इटली में तो इस वायरस ने ऐसा कहर बरपाया कि वहां की सारी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं धाराशायी हो गई।

इसकी आपूर्ति को लेकर पास्कल सोरियट ने कहा, यूरोप में यूरोपीय कमीशन और यूरोप के अन्य देशों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूरे यूरोप में वैक्सीन की आपूर्ति हो।

इटली की शीर्ष घरेलू फुटबॉल लीग सीरी-ए में अगर फिर से कोविड-19 के कारण रुकावट आई तो इस सत्र को बिना विजेता के ही समाप्त कर दिया जाएगा और साथ ही कोई टीम भी लीग से बाहर नहीं होंगी।

चीन में इस कदम की तुलना 1900 के दशक में ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, रूस, जापान, इटली और ऑस्ट्रिया-हंगरी के '8 नेशन अलायंस' से की जा रही है।

भारत में लगातार कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। देश में एक्टिव कोरोना केस की बात करें तो हम इटली से आगे निकल गए हैं। अब दुनिया में सिर्फ 4 देश ही ऐसे हैं, जहां कोरोना के एक्टिव केस भारत से ज्यादा हैं।

देश में पहला कोरोनावायरस मरीज मिलने के 109 दिन बाद, मामलों की संख्याअ एक लाख को पार कर गई है। पिछले करीब 12 दिनों में मामले दोगुने हो गए हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सीएसएसई के हवाले से कहा, "वहीं, विश्व के 180 से अधिक देशों और क्षेत्रों से अब तक महामारी ने कुल 42 लाख 38 हजार 703 लोगों को अपनी चपेट में लिया है।"

देश में शुक्रवार को इस बीमारी से 243 लोगों की मौत हो गई जिससे मरने वालों का आंकड़ा 30,201 पहुंच गया है। इटली में कोरोना का पहला मामला 21 फरवरी को दर्ज किया गया था।

इस दौरान इटली के प्राइम मिनिस्टर कोंटे ने प्रधानमंत्री मोदी को उपयुक्त समय पर इटली की यात्रा करने के अपने दिए निमंत्रण को भी दोहराया। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कोंटे को आवश्यक दवाओं और अन्य वस्तुओं की जरूरत में भारत के अस्थिर सहयोग का आश्वासन दिया।