इलाहाबाद हाईकोर्ट

वहीं शनिवार यानी 24 जुलाई को अयोध्या में होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या जाएंगे। सीएम योगी कल दोपहर अयोध्या पहुंचकर भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेंगे।

कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि याचिका में उठाए गए बिंदु सिर्फ कल्पनाओं के सहारे है और जो आशंकाएं जताई गई हैं, वे आधारहीन हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मंदिर निर्माण ट्रस्ट और यूपी सरकार को भूमि पूजन कार्यक्रम में कोविड गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया है।

इस याचिका में कहा गया है कि अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के दौरान तीन सौ लोग इकट्ठा होंगे जो कि कोविड के नियमों के खिलाफ होगा।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा के टिकट पर 23 जनवरी, 2015 को विधान परिषद के सदस्य बने थे। वह 22 फरवरी, 2018 को बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे, जिसके बाद बसपा ने नसीमुद्दीन की सदस्यता समाप्त करने के लिए विधान परिषद के चेयरमैन के समक्ष अर्जी दी, जिस पर मंगलवार को फैसला लिया गया।

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गत 3 जून को प्रदेश में 69,000 बेसिक शिक्षकों की भर्ती संबंधी प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इस फैसले के बाद अब योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट के 9 जून के आदेश से करीब 37 हज़ार पदों पर लगी रोक के अलावा शेष बचें पदों पर भर्ती प्रकिया आगे बढ़ाने को स्वंत्रत है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अजान को लेकर एक बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अजान इस्लाम का अहम हिस्सा है। लेकिन इसके साथ ही हाईकोर्ट ने एक और बात कही है।

5 मई को अधिवक्ता गौरव कुमार गौड़ ने मुख्य न्यायाधीश को एक ईमेल भेजा था कि वीरेंद्र सिंह की पत्नी ने टेलीफोन पर उन्हें क्वारंटीन केन्द्र की स्थिति को लेकर सूचित किया था।

कोर्ट ने कहा है कि दो सप्ताह तक कोई भी नीलामी प्रक्रिया नहीं होगी। किसी के भी मकान का ध्वस्तीकरण नहीं होगा। किसी को भी उसके मकान से बेदखल नहीं किया जाएगा।

अदालत ने कहा, "बिना कानूनी उपबंध के नुकसान वसूली के लिए पोस्टर में फोटो लगाना अवैध है। यह निजता के अधिकार का हनन है। बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी की फोटो सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना गलत है।"

बता दें कि लखनऊ में दिसंबर में नागिरकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान उपद्रवियों ने लखनऊ में सरकारी संस्थाओं को नुकसान पहुंचाया था। जिला प्रशासन ने सीएए विरोधी उपद्रवियों की पहचाने के लिए शहर में पोस्टर लगाए हैं।