इलाहाबाद हाईकोर्ट

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान के दिन अच्छे नही चल रहे। उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उनकी विधायकी खत्म करने का आदेश जारी कर दिया है।

यूपी के रामपुर से लोकसभा सांसद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की विधायकी रदद् करने का आदेश दिया था जिसके खिलाफ अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, अब SC ने भी इस आदेश पर रोक लगाने से मना कर दिया है।

नागरिकता संसोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए छात्र आंदोलन संबंधी याचिका की सुनवाई कर रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। अदालत सात जनवरी को अपना फैसला सुनाएगी।

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को आज बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आजम खान को बड़ा झटका देते हुए उनके बेटे अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन रद्द कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद को शाहजहांपुर के कानून की छात्रा द्वारा दर्ज किए गए बयान की प्रमाणित प्रति का उपयोग करने की अनुमति मिली थी। छात्रा ने चिन्यमयानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं।

कोर्ट ने रामपुर के अजीमनगर थाने में किसानों की ओर से दर्ज एफआईआर में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने जयाप्रदा को भी नोटिस जारी किया है और राज्य सरकार व अन्य विपक्षियों से भी जवाब मांगा है। अब याचिका की सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी।

गुरुवार देर रात 2 बजे तक चिन्मयानंद और उनके कुछ विश्वासपात्रों से एसआईटी ने करीब 6-7 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। पूछताछ शाहजहांपुर पुलिस लाइन परिसर में की गई।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने मंगलवार को एक अप्रत्याशित फैसला दिया। उन्होंने सीबीआई को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन शुक्ला के खिलाफ एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए कथित तौर पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों का पक्ष लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत मामला दर्ज करने की मंजूरी दे दी है।

इसी बीच कोर्ट परिसर में अजितेश के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। चश्मदीद वकील का दावा है कि कोर्ट आ रहे अजितेश पर हमला किया गया।

जस्टिस रंगनाथ पांडेय ने लिखा है कि जजों की नियुक्ति में कोई निश्चित मापदंड नहीं है और प्रचलित कसौटी सिर्फ परिवारवाद और जातिवाद हैं।