ईसाई

USCIRF कमिश्नर जॉनी मूरे के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने बीते दिनों एक साथ इस लड़ाई में हिस्सेदारी की बात कही थी। ऐसे में अब अवसर है कि वह अपने देशवासियों को एक राह दिखाएं और लोगों से किसी तरह का भेदभाव ना करने की अपील करें।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस मांग को 2003 में तब विपक्ष के नेता मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में उठाया था। वही कांग्रेस जो अभी सरकार के द्वारा लाए इस बिल का विरोध कर रही है वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय संसद में खड़े होकर इस बात के लिए सरकार को तैयार करने के लिए दवाब बनाने की कोशिश कर रही थी।

नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने सोमवार को बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के गैर मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता देने के लिए...

नई दिल्ली। तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनैतिक पार्टियां अपने-अपने घोषणापत्र से मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रही...