उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि "कोरोना के संक्रमण के दौरान एनेस्थेसिया, फिजिशियन, बच्चों और महिलाओं के चिकित्सक की सर्वाधिक जरूरत होती है। निजी क्षेत्र में संबंधित विशेषज्ञता के कितने डॉक्टर्स हैं, उनकी सूची तैयार करें। इनको प्रशिक्षण दें ताकि जरूरत पर इनसे मदद ली जा सके।"

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोनावायरस संक्रमण का यह संदिग्ध बीते रविवार को भर्ती कराया गया था। जांच के लिए इसका सैंपल मंगलवार को भेजा गया था। बुधवार को ही केजीएमयू ने अपनी रिपोर्ट में इसे पॉजिटिव बताया था।

कपिल सिब्बल ने एक ट्वीट में लिखा, "कीटाणुनाशक स्प्रे, अब समय आ गया है हमारी राजनीति को सैनेटाइज करने का ना कि प्रवासी श्रमिक जो बरेली पहुंचे थे। वे कारखानों, फसलों की कटाई, रेस्तरां, होटलों में, निर्माण परियोजनाओं, राजमार्गों और घरों में काम करते हैं। वे भारत का निर्माण करते हैं, उनके साथ सम्मान के साथ पेश आना चाहिए।"

इसके चलते गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़, बिजनौर, बागपत, वाराणसी, भदोही, मथुरा, आगरा, सीतापुर, बाराबंकी, प्रयागराज, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर जिलों में खासी सतर्कता बरती जा रही है।

अपर मुख्य सचिव ने अपने आदेश में ईट-भट्ठों का खासतौर से जिक्र किया है। दरअसल प्रदेश में मौजूद ईंट भट्ठों पर हजारों की संख्या में मजदूर काम करते हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी में अचानक मांग बढ़ जाने के कारण अब आटे की किल्लत शुरू हो गई है। आटा मिलों के पास गेहूं की कमी के कारण यह दिक्कत शुरू हुई है।

योगी सरकार ने इस 11 सदस्यीय कमेटी को अलग अलग ज़िम्मेदारी सौंपी है। इनमें मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी अंतरराज्यीय मामलों और भारत सरकार के साथ संवाद बनाने और शिक्षा व सेवायोजन से जुड़े लोगों के लिए काम कर रही है।

लॉक डाउन के बीच उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम(यूपीएसआरटीसी) के प्रबंध निदेशक(एमडी) राजशेखर ने पूरे प्रदेश के आरएम से लेकर एआरएम के फोन घनघनाकर उन्हें घरों से बुलाया। एक-एक ड्राइवर घरों से बुलाया गया। हर जिले से बसें गाजियाबाद के लिए रवाना कर दीं। ताकि दिल्ली से आए हजारों गरीब लोग घरों के लिए रवाना हो सके

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन द्वारा इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों, डीएम, एसएसपी और एसपी को निर्देश जारी किये गए हैं। सुचारू रूप से इनकी आपूर्ति जारी रहे इसके लिए इनको बनाने वाली कंपनियों, लोडिंग एवं अनलोडिंग में लगे श्रमिकों और इनके परिवहन में लगे वाहन भी छूट के दायरे में आएंगे। इसी तरह की छूट कटाई में प्रयुक्त कंबाईन हार्वेस्टर और इस दौरान जरूरी श्रमिकों पर भी होगी।

गुरुवार को योगी आदित्यनाथ की बैठक में मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा व प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, सूचना निदेशक मौजूद थे। यह सभी एक निश्चित दूरी पर बैठे दिखाई दिए।