उद्धव ठाकरे

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पत्र लिखकर ये साफ कर दिया है कि, वो इस समारोह में शामिल नहीं होंगी। सोनिया ने पत्र में लिखा है कि, 'आदित्य ठाकरे ने मुझे शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था। लेकिन मैं अफसोस के साथ बोल रही हूं कि, मैं इस समारोह में शामिल नहीं हो पाऊंगी'। 

एक ऐसा कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाया गया है, जिसमें विवाद वाले मुद्दों को बाहर रखने की कोशिश की गई है, ताकि सरकार पर कोई आंच ना आए।

महाराष्ट्र में सियासी उथल पुथल की वजह बन चुके अजित पवार ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है। वह फिलहाल उद्धव ठाकरे के मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होने जा रहे हैं।

कांग्रेस की ओर से जो दो मंत्री शपथ लेने वाले हैं, उनमें बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण अब मंत्री पद की शपथ नहीं लेंगे, बल्कि उनकी जगह नितिन राउत शपथ लेंगे। बता दें कि वह दलित नेता हैं और पूर्व में मंत्री भी रह चुके हैं।

मुंबई के शिवाजी पार्क में उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण के लिए मंच को बिल्कुल उस अंदाज में बनाया गया है, जिस अंदाज में छत्रपति शिवाजी महाराज के शपथ के समय था।

महाराष्ट्र की राजनीति एक से बढ़कर एक नए रंग दिखा रही है। महीने भर से चल रहा महाराष्ट्र में सियासी ड्रामा आखिरकार थम गया है । गुरुवार शाम 6 बजकर 40 मिनट पर उद्धव ठाकरे शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे ।

इस बीच आदर्श सोसायटी की ओर से ईडी से गुजारिश की गई है कि उन्हें 3 महीने का टाइम दिया जाए। 3 महीनों में वह ईडी की ओर से मांगी गई जरूरी सूचना और दस्तावेजों को पेश कर देंगे। आदर्श सोसाइटी ने उस समय तक कोई भी कार्यवाही न करने का अनुरोध किया है।

मुंबई का शिवाजी पार्क गुरुवार को एक और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। यह पहला मौका होगा कि पिछले कई दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति को नियंत्रित करने वाले ठाकरे परिवार का कोई व्यक्ति पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा।

महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित होने के लिए निमंत्रण देने का काम आदित्य ठाकरे कर रहे हैं।

शिवसेना बीजेपी की तुलना में लगभग आधी सीटों पर थी मगर फिर भी ढाई साल का सीएम पद मांग रही थी। ऐसे में एनसीपी का दावा भी बनता है।