उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट

कांग्रेस के कुछ बागी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कुछ नेताओं पर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप है। गहलोत ने चिट्ठी में लिखा, चुनी हुई सरकार को अस्थिर करना किसी भी दृष्टिकोण से न्यायोचित नहीं है।

सचिन पायलट को पार्टी के पद से बर्खास्त करने के साथ ही कांग्रेस आलाकमान ने तत्काल प्रभाव से संजय झा को भी सस्पेंड कर दिया है, संजय झा को कांग्रेस ने इससे पहले प्रवक्ता पद से हटाया था।

मुकेश भाकर ने ट्वीट कर लिखा, "जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है।" कांग्रेस में निष्ठा का मतलब है अशोक गहलोत की गुलामी। वो हमें मंजूर नहीं।

राजस्थान में गहलोत सरकार संकट में घिरी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी एक्शन में आ गईं हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस एफआईआर में बांसवाड़ा जिले में कुशलगढ़ से महिला विधायक रमीला खड़िया और पूर्व मंत्री और वर्तमान में बांसवाड़ा जिले से कांग्रेसी विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीय का नाम सामने आया है।