एनडीए

झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी हैं। दो सीटों को लेकर 19 जून को होने वाले चुनाव में यूपीए-एनडीए दोनों अपने-अपने वोटरों की घेराबंदी में जुटे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर यूपीए विधायक दल की बैठक 17 जून को बुलायी गयी है।

देश के इतिहास में यह पहला मौका था, जब किसी गैर कांग्रेसी पार्टी ने अपने दम पर तीन सौ से ज्यादा सीटें जीती। वहीं जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद नरेंद्र मोदी तीसरे शख्स बने, जो लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता में पहुंचे।

लालू यादव के नीतीश पर वार का भाजपा नेता संजय मयूख ने जवाब देकर एनडीए की एकजुटता का संदेश दिया है। 2015 के विधानसभा चुनाव में राजद को 80, जदयू को 71 और भाजपा क 53 सीटें मिलीं थीं। कुल पांच चरणों में हुए चुनाव के नतीजे नौ नवंबर 2015 को घोषित हुए थे।

कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी समेत कई दल मोदी सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि वो एनपीआर के जरिए पिछले दरवाजे से एनआरसी लागू करना चाह रही है।

देश भर में नागरिकता कानून पर मचे बवाल के बीच सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने पर विचार शुरू कर दिया है। इस सिलसिले में नीति आयोग शुक्रवार को जनसंख्या नियंत्रण पर एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहा है।

लोकसभा में सोमवार को नागरिक संशोधन बिल आसानी से पास हो चुका है। अब बुधवार को यह बिल राज्यसभा में पेश होगा। गृहमंत्री अमित शाह आज दोपहर 2 बजे संशोधन बिल राज्यसभा में पेश करेंगे। राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा की खातिर 6 घंटे का समय तय किया गया है।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की स्थायी समिति ने भारत के उस नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) से खुलकर असहमति जताई है, जिसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।

सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल या नागरिकता संशोधन विधेयक का राज्यसभा में भारी बहुमत से पास होना तय है। सरकार ने इसलिए पूरी तैयारी कर रखी है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैरमुस्लिम शरणार्थियों के लिए भारत में नागरिकता का रास्ता साफ करने वाले नागरिकता संशोधन विधेयक पर अब राज्यसभा में सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस मांग को 2003 में तब विपक्ष के नेता मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में उठाया था। वही कांग्रेस जो अभी सरकार के द्वारा लाए इस बिल का विरोध कर रही है वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय संसद में खड़े होकर इस बात के लिए सरकार को तैयार करने के लिए दवाब बनाने की कोशिश कर रही थी।

संघ परिवार पर 43 किताबें लिख चुके नागपुर के संघ विचारक दिलीप देवधर ने महाराष्ट्र के पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए दावा किया है कि महाराष्ट्र में शनिवार को भाजपा की सरकार गठन में शरद पवार की भी मौन सहमति है।