एनसीपी

27 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में जमा किए गए शपथपत्र के मुताबिक विदर्भ सिंचाई विकास निगम (वीआईडीसी) के चेयरमैन अजित पवार को कार्यकारी एजेंसियों के कार्यों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है, क्योंकि पवार के पास कोई वैधानिक दायित्व नहीं है।

संजय राउत बोले कि शिवसेना पहले से ही ये बात कहती आ रही है कि घुसपैठियों को बाहर निकालना चाहिए, पाकिस्तान-बांग्लादेश-अफगानिस्तान से जो हिंदू-सिख-बौद्ध-जैन आ रहे हैं उनके मसले पर वह केंद्र सरकार के साथ है।

महाराष्ट्र में शिवसेना को बड़ा झटका लगा है। मुंबई के धारावी में करीब 400 शिवसैनिकों ने पार्टी छोड़ दी है। सभी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की है। भाजपा में शामिल होने वाले एक कार्यकर्ता रमेश नदेशन ने कहा कि शिवसेना ने भ्रष्ट और हिंदू विरोधी दलों के साथ हाथ मिला लिया है। इससे हम नाराज हैं।

महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी को एकसाथ मिलाने के पीछे सबसे बड़ी भूमिका शरद पवार की ही रही है। लेकिन जब महाराष्ट्र में सत्ता के बंटवारे पर उनसे सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि शिवसेना के पास मुख्यमंत्री है जबकि कांग्रेस के पास स्पीकर है।

एनसीपी चीफ शरद पवार ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन उन्होंने (पवार) इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। शरद पवार ने एक मराठी टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में यह दावा किया।

महाराष्ट्र: देवेंद्र फडणवीस से बुरी तरह चिढ़ी हुई है शिवसेना, सामना में उगला ‘ज़हर’

कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने चौंकाने वाला बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री केंद्र के 40 हजार करोड़ रुपये का दुरुपयोग होने से रोकने के लिए बनाया गया था।

शिवसेना की सबसे ज्यादा नाराजगी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से है। अपने सामना अखबार के जरिए वह देवेंद्र फडणवीस पर लगातार वार कर रही है। सामना के ताजा अंक में शिवसेना ने नेता विपक्ष के पद पर देवेंद्र फडणवीस की नियुक्ति पर भी सवाल उठा दिए हैं।

हेगड़े ने कहा, 'सीएम के पास करीब 40 हजार करोड़ की केंद्र की राशि थी। अगर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना सत्ता में आते तो वे 40 हजार करोड़ का दुरुपयोग करते। यही कारण है कि केंद्र सरकार के इस पैसे को विकास के लिए इस्तेमाल में नहीं लाया जा सके, इसके लिए ड्रामा किया गया।'

फडणवीस ने एक बार फिर सत्ता में वापस आने की बात कही है। फडणवीस ने रविवार को कहा कि कब वापस आऊंगा यह नहीं पता, लेकिन लौटकर जरूर आऊंगा।