एनसीपी

शिवसेना की सबसे ज्यादा नाराजगी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से है। अपने सामना अखबार के जरिए वह देवेंद्र फडणवीस पर लगातार वार कर रही है। सामना के ताजा अंक में शिवसेना ने नेता विपक्ष के पद पर देवेंद्र फडणवीस की नियुक्ति पर भी सवाल उठा दिए हैं।

हेगड़े ने कहा, 'सीएम के पास करीब 40 हजार करोड़ की केंद्र की राशि थी। अगर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना सत्ता में आते तो वे 40 हजार करोड़ का दुरुपयोग करते। यही कारण है कि केंद्र सरकार के इस पैसे को विकास के लिए इस्तेमाल में नहीं लाया जा सके, इसके लिए ड्रामा किया गया।'

फडणवीस ने एक बार फिर सत्ता में वापस आने की बात कही है। फडणवीस ने रविवार को कहा कि कब वापस आऊंगा यह नहीं पता, लेकिन लौटकर जरूर आऊंगा।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया है। रविवार को औपचारिक तौर पर इस बात का ऐलान किया गया।

कांग्रेस नेता नाना पटोले निर्विरोध महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष बन गए हैं। कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के गठबंधन महाविकास आघाड़ी ने उन्हें संयुक्त रूप से स्पीकर पद का उम्मीदवार बनाया था।

इधर अजित पवार से मिले बीजेपी प्रतिनिधि, उधर कांग्रेसमय हुआ सामना, महाराष्ट्र में "कुछ" तो पक रहा है!

साल 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में अजित पवार एक अहम चेहरा बनकर सामने आए हैं। बीजेपी के खेमे में घुसकर एनसीपी में घरवापसी कर चुके अजित पवार के काम बार बार आशंका पैदा कर रहे हैं।

चार तटस्थ विधायकों में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के विधायक राजू पाटिल का भी नाम शामिल है। गौरतलब है कि, शिवाजी पार्क में आयोजित उद्धव ठाकरे की शपथ ग्रहण समारोह में भाई राज ठाकरे भी पहुंचे थे।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनी महाविकास अघाड़ी सरकार ने महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत हासिल कर लिया है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भाजपा के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया। जिसके बाद सदस्यों की गिनती कर बहुमत परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। सभी सदस्यों ने अपनी सीट पर उठकर नाम और क्रमांक बताया।

फडणवीस ने कहा कि, जिस तरह से शपथ ली गई उस पर भी मुझे आपत्ति है। जिसके बाद स्पीकर ने कहा कि सदन के बाहर क्या हुआ उस पर बात नहीं करनी चाहिए। उसके बाद फडणवीस ने कहा कि मुझे संविधान पर बात करने का अधिकार है।