ओम बिरला

कोरोना वायरस की चुनौती के बीच जनता की मदद के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल पर स्थापित कंट्रोल रूम 11 हजार लोगों को मदद पहुंचाने में सफल रहा है।

पीठासीन अधिकारियों के 79वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए विधायिकाओं की एक वर्ष में बैठकें जरूर होनी चाहिए।

जानिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने किसे कहा कि 'दादा आज इतने जोश में क्यों...'

सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कई वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने भाग लिया। बैठक में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और राज्यसभा में विपक्ष के उप नेता आनंद शर्मा भी मौजूद थे।

सोशल मीडिया से लेकर तमाम राजनेताओं ने भी आजम के इस व्यवहार की निंदा की है। कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी ने भी आजम खान के व्यवहार पर सवाल उठाया है।

तीसरी बार लोकसभा में पेश किया गया तीन तलाक बिल एक बार फिर से पास हो गया है। कांग्रेस समेत डीएमके, एनसीपी और कई विपक्षी पार्टियों ने इस बिल का विरोध जरुर किया। लेकिन फिर भी इस बिल को पास कर दिया गया।

आजम खान ने कहा कि "तू इधर-उधर की बात ना कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा" आजम ये शेर लोकसभा डिप्टी स्पीकर की तरफ ना देखकर सत्ता पक्ष की तरफ देखकर कह रहे थे। जिसके बाद रमा देवी ने कहा कि, "आप भी इधर देखकर बात करें।"

इसके बाद जब मीनाक्षी लेखी की नजर उन पर गई तो उन्होंने कहा कि ‘बर्क साहब सदन में अखबार पढ़ने की अनुमति नहीं है।' इसके बाद बर्क ने अखबार मोड़कर रख लिया और फिर सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी।

जिस तरह से लोकसभा के नए स्पीकर ओम बिरला ने अपने पहले सात दिन लोकसभा में गुजारे हैं, इससे समझ आता है कि वे सबकुछ पहले जैसा ही नहीं चलने देने चाहते।